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Almora News: विद्यार्थी नया सीखें, नया करें और बेहतर बनें—कुलपति; एसएसजे कैंपस में आयोजित हुआ समारोह, तीन दिनी कार्यशाला शुरू

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
आजादी के अमृत महोत्सव-2021 के तहत सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के वनस्पति विज्ञान विभाग में ‘कोविड-19 महामारी के दौरान विभागीय उपलब्धियां एवं सम्मान समारोह’ आयोजित हुआ, तो दूसरी ओर दृश्यकला संकाय में ‘स्वाधीनता के 75 वर्षों में ललित कलाओं की भूमिका’ विषय पर कार्यशाला और प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ है।

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मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि हम सभी कोविड की भयावह स्थितियों से गुजर रहे हैं, लेकिन उम्मीद के साथ हमने विपरीत समय में भी समाज के लिए कार्य करना नहीं छोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान कर जीवन को बेहतर दिशा में ले जाएं। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन के 75 सालों में अपने असंख्य शहीदों के बलिदान को याद करें। उन्होंने वि़द्यार्थियों को नसीहत दी कि वे हर दिन नया सीखें, नया करें और बेहतर प्रदर्शन करें। विशिष्ट अतिथि रूप में विज्ञान संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. जया उप्रेती ने शैक्षिक गतिविधियों को बेहतरी लाने पर जोर दिया।

इससे पहले संयोजक डॉ. बलवंत कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए कहा कि वनस्पति विज्ञान विभाग ने विगत एक वर्ष में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यावरण के संरक्षण के लिए भी अपनी जिम्मेदारी को निभा रहा है। उन्होंने विभाग की हर उपलब्धि एवं गतिविधि का विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता में अव्वल रहे तनुजा साह, रिया गुप्ता, हितेश पांडे, हिमानी तिवारी, पूजा,हिमानी, दुर्गापाल, मीनाक्षी कनवाल, पूजा जोशी, ममता कनवाल, पूजा मेहता, सुनीता, ज्योति जोशी को प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह का संचालन डॉ. मंजूलता उपाध्याय ने किया। विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. धनी आर्या ने सभी का आभार जताया।
तीन दिनी कार्यशाला शुरू

आजादी के अमृत महोत्सव-2021 के तहत दृश्यकला संकाय एवं चित्रकला विभाग तथा संस्कार भारती, उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में दृश्यकला संकाय के सभागार में तीन दिवसीय ऑन द स्पॉट चित्र निर्माण कार्यशाला एवं प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया है। जिसमें ‘स्वाधीनता के 75 वर्षों में ललित कलाओं की भूमिका’ विषय पर मंथन हो रहा है। कार्यशाला का शुभारंभ दृश्यकला संकाय के विद्यार्थियों ने दीप प्रज्जवलित कर और वंदना गीत प्रस्तुत कर किया।

मुख्य संरक्षक कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी ने भारत की संस्कृति और उसकी मौलिकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान के फलस्वरूप हम आज स्वतंत्र जीवन जी रहे हैं। इसलिए हमें उनके बलिदान को कला के माध्यम से जीवित रखना होगा। कार्यक्रम संयोजक संकायाध्यक्ष प्रो. सोनू द्विवेदी ‘शिवानी‘ ने रूपरेखा रखते हुए कहा कि कलाकारों में राष्ट्रपेम की भावना जागृत करना एवं प्रदेश तथा देश के स्वाधीनता आंदोलन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के कार्यों को चित्रित करना, इस कार्यशाला का उद्देश्य रहा है। उद्धाटन कार्यक्रम का प्राध्यापक डॉ. संजीव आर्या ने किया। उद्घाटन अवसर पर विशिष्ट अतिथि रूप में संस्कार भारती पश्चिमी उत्तर प्रदेश-उत्तरखंड के क्षेत्र प्रमुख देवेंद्र सिंह रावत, अधिष्ठाता शैक्षिक प्रो. शेखर चंद्र जोशी, अध्यक्ष प्रो. प्रवीण बिष्ट आदि ने विचार रखे।

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