







जर्जर राहें बनीं सुगम डगर: ग्राम प्रधान रेनू नैथानी शर्मा के ‘संकल्प से सिद्धि’ की कहानी
- देहरादून से हरिशंकर सैनी की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
देहरादून। किसी भी क्षेत्र की प्रगति का द्वार वहां की सड़कों से होकर गुजरता है। कभी गड्ढों, कीचड़ और मलबे से जूझती सलान गाँव की मुख्य सड़क आज अपनी नई चमक के साथ विकास की गवाही दे रही है। ग्राम पंचायत भगवन्तपुर के अंतर्गत आने वाला यह मार्ग, जो वर्षों से उपेक्षा और आपदा की मार झेल रहा था, आज ग्राम प्रधान श्रीमती रेनू नैथानी शर्मा के अटूट संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण कायाकल्प का प्रतीक बन चुका है।

चुनौतियों से टकराकर निकला समाधान
बरसात के दिनों में सलान गाँव का सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। बुजुर्गों का पैदल चलना दुश्वार था और स्कूली बच्चों के कदम कीचड़ में फंस जाते थे। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या वर्षों पुरानी थी, लेकिन समाधान की उम्मीद धुंधली पड़ती जा रही थी।
श्रीमती रेनू नैथानी शर्मा ने प्रधान पद की शपथ लेते ही इस सड़क को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया। उन्होंने न केवल फाइलों में पैरवी की, बल्कि धरातल पर उतरकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बिठाया।
“विकास केवल ईंट और पत्थर का ढांचा नहीं है, यह जनता के विश्वास को धरातल पर उतारने का नाम है।” — रेनू नैथानी शर्मा, ग्राम प्रधान
समन्वय और जनशक्ति की जीत
इस परिवर्तनकारी यात्रा में ग्राम विकास समिति, भगवन्तपुर की भूमिका रीढ़ की हड्डी साबित हुई। समिति ने पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री श्याम सिंह पुण्डीर (दीपक भाई) के माध्यम से क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी तक अपनी बात पहुंचाई।

मंत्री जी की तत्परता और विभागीय सक्रियता का ही परिणाम था कि:
- प्रारंभिक स्वीकृति: 400 मीटर सड़क निर्माण से शुरुआत हुई।
- वर्तमान स्थिति: निरंतर पैरवी के बाद अब तक लगभग 1500 मीटर सड़क का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
- आगामी लक्ष्य: श्री ज्ञान किशोर जोशी के घर से चोपड़ायी सलान गाँव की ओर जाने वाले शेष मार्ग पर भी कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

तकनीकी टीम और गुणवत्ता पर जोर
निर्माण केवल सड़क बिछाने तक सीमित नहीं रहा। भविष्य की आपदाओं और जल-भराव को रोकने के लिए निकासी (Drainage System) की समुचित व्यवस्था की गई है। इस कार्य को सफल बनाने में PWD की टीम का विशेष योगदान रहा:
- अधिशासी अभियंता: श्री राजेश कुमार
- सहायक अभियंता: श्रीमती चन्द्रकला
- कनिष्ठ अभियंता: श्री अमर सिंह
- कांट्रेक्टर: श्री राकेश बंसल (दून इंफ्रास्ट्रक्चर)
बदलती तस्वीर, बढ़ता विश्वास
आज जब ग्रामीण इस चिकनी सड़क पर चलते हैं, तो उनके चेहरों पर सुकून साफ झलकता है। यह सड़क अब सिर्फ आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व ईमानदार हो और जनता का सहयोग साथ हो, तो पहाड़ जैसी चुनौतियों को भी सुगम रास्तों में बदला जा सकता है।
भगवन्तपुर की यह सफलता गाथा उत्तराखंड की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बनकर उभरी है।













