सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. रविशंकर, सदस्य डॉ. एम.सी. जोशी और पी.एस. जंगपांगी दो दिवसीय प्रवास पर बागेश्वर पहुंचे। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित विकास परियोजनाओं, नवाचारों एवं रोजगार सृजन के प्रयासों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर उनकी जमीनी स्थिति को समझना है।

गरुड़ नगर पंचायत, वृद्धाश्रम और स्थानीय इकाइयों का किया निरीक्षण
दौरे के पहले दिन आयोग के सदस्यों ने गरुड़ नगर पंचायत का भ्रमण किया और अध्यक्ष व सभासदों के साथ बैठक कर स्थानीय आवश्यकताओं और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नगर पंचायत भवन का निरीक्षण भी किया। इसके बाद टीम ने नीलेश्वर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों से मुलाकात की, उन्हें फल वितरित किए तथा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बागनाथ- बैजनाथ मंदिरों के दर्शन कर पर्यटन व रोजगार संभावनाओं पर की चर्चा
आयोग ने पिंडारी रोड स्थित ताम्र व कीवी आउटलेट का निरीक्षण किया और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने वाली इस पहल की सराहना की। उन्होंने इसे स्वरोजगार एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। साथ ही, कपकोट के रमाड़ी क्षेत्र की संतरे की पैदावार को विशेष पहचान दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया। आयोग ने विमल टम्टा द्वारा संचालित ताम्र इकाई को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार का सफल उदाहरण बताया और उद्यमियों व हितधारकों से संवाद कर योजनाओं की प्रभावशीलता पर चर्चा की।
इसके अतिरिक्त आयोग के सदस्यों ने बागनाथ और बैजनाथ मंदिरों के दर्शन किए और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ये धार्मिक स्थल न केवल आस्था के केंद्र हैं बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार का भी प्रमुख साधन हैं। साथ ही आयोग ने नगर पालिका एवं आसपास के क्षेत्रों का भी भ्रमण किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी आयोग को दी। टीम 18 सितंबर को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ परामर्श बैठक करेगी।
दौरे के दौरान पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, नगर पंचायत गरुड़ की अध्यक्ष भावना वर्मा, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला पंचायतराज अधिकारी सुंदर लाल, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अनिल जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मंजुलता यादव, ईओ मोहम्मद यामीन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

