ईई से अभद्रता का आरोप, क्या है पूरा मामला ?
कर्मचारी काली पट्टी बांधकर दर्ज करेंगे विरोध
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। उत्तराखंड इंजीनियर्स फेडरेशन, अल्मोड़ा शाखा ने गत दिनों लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्यालय में हुई घटना के विरोध में सख्त रुख अपना लिया है। फेडरेशन की शनिवार को आयोजित बैठक में इस घटना की कड़ी निंदा की गई और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। निर्णय लिया गया कि घटना के विरोध में तमाम अभियंता काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे।

बैठक में अभियंताओं ने कहा कि 18 जून 2026 को प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, अल्मोड़ा के कार्यालय में विभागीय कार्यों को लेकर बैठक चल रही थी। इसी दौरान लगभग 25-30 स्थानीय लोगों का एक समूह अचानक कार्यालय में घुस आया। यह समूह अल्मोड़ा माल रोड पर डामरीकरण का कार्य शुरू न होने को लेकर अधिशासी अभियंता से सवाल-जवाब करने लगा।
फेडरेशन का आरोप है कि जब अधिशासी अभियंता ने शांतिपूर्ण ढंग से बात करने का प्रयास किया, तो समूह ने अमर्यादित व्यवहार करना शुरू कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह आक्रोशित लोग ईई की टेबल पीटी गई, बेवजह नारेबाजी की तथा जोर-जोर से चिल्लाकर इस्तीफा मांगने लगे। इस समूह ने अभियंताओं पर भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोप लगाने के साथ-साथ कालिख पोतने जैसी धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि इस घटना से न केवल कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि शासकीय कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है।
ज्ञात रहे कि बीते 18 जून को कांग्रेस कार्यकर्ता लोनिवि दफ्तर पहुंचे थे। यहां मुख्यालय की सड़कों की बदहाली को लेकर आक्रोश जताया गया। ईई का घेराव कर शीघ्र मुख्यालय की बदहाल सड़कों पर डामरीकरण कार्य शुरू करने की मांग की गई थी।
फेडरेशन ने लिया कड़ा निर्णय
मामले की गंभीरता को देखते हुए फेडरेशन ने सर्वसम्मति से निम्नलिखित निर्णय लिए हैं:
- विधिक कार्यवाही: घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए 25 फरवरी 2026 को जारी शासन की SOP के अनुसार दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ।
- प्रशासन को ज्ञापन: इस संबंध में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपा जाएगा ।
- सांकेतिक विरोध: 22 जून से 24 जून 2026 तक सभी अभियंता और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे ।
- सामूहिक आंदोलन की चेतावनी: यदि तीन दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो अन्य तकनीकी और गैर-तकनीकी संगठनों के साथ मिलकर सामूहिक आंदोलन किया जाएगा ।
- सुरक्षा व्यवस्था: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी खंडीय कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की गई है ।



