सीएनई रिपोर्टर। नैनीताल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने गुरुवार रात जंगल में फंसे तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। जिलाधिकारी (डीएम) नैनीताल के निर्देश पर शुरू हुए राहत अभियान ने बारिश और अंधेरे के बावजूद सफलता हासिल की, जिससे प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता की मिसाल कायम हुई।
गुरुवार शाम को रानीकोटा – फतेहपुर – छड़ा मार्ग पर आड़ियां छड़ा के पास भारी मलबा गिरने से हिमांशु बदलाकोटी और उनके दो साथी जंगल में फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही डीएम नैनीताल ने तत्काल राहत अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।
इस अभियान का नेतृत्व एसडीएम नैनीताल नवाजिश खलीक, एसडीएम कालाढूंगी परितोष वर्मा, और जिला आपदा प्रबंध अधिकारी कमल मेहरा ने किया। एक समन्वित रणनीति के तहत, नैनीताल की ओर से एसडीएम नैनीताल और कोटाबाग की ओर से एसडीएम कालाढूंगी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे।
रात के अंधेरे और लगातार हो रही बारिश के बावजूद, टीमों ने मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम जारी रखा। जिला आपदा कंट्रोल रूम से लगातार समन्वय बनाए रखा गया। प्रशासन की टीम ने अथक प्रयास करते हुए, रात लगभग 10:30 बजे तीनों युवकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन नैनीताल प्रशासन की तत्परता और टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण है, जिसने मुश्किल हालात में भी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

