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सिक्किम में उत्तराखंड का लाल रविन्द्र सिंह थापा शहीद, धारचूला में होगी अंत्येष्टि

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✒️ मां धारचूला, पत्नी-बच्चे हल्द्वानी में निवासरत

गत दिवस सिक्किम में भारतीय सेना का ट्रक खाई में गिरने से जो भयानक हादसा हुआ था, उसमें उत्तराखंड ने भी अपना एक लाल खो दिया है। इस दुर्घटना में ड्यूटी के दौरान पिथैरागढ़ के रवींद्र सिंह थापा भी शहीद हो गये हैं। वह मूल रूप से धारचूला के रहने वाले हैं, जबकि परिवार हल्द्वानी में रहता है। धारचूला में ही उनकी पार्थिव देह की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि होगी।

उल्लेखनीय है कि गत दिवस शुक्रवार को पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के जेमा में एक दर्दनाक हादसा हो गया था। वहां सेना का एक ट्रक खाई में गिरने से 16 भारतीय सेना के जवान शहीद हो गए थे। इनमें से एक उत्तराखंड के रविन्द्र सिंह थापा उम्र 33 साल पुत्र स्व. भवान सिंह भी थे। वह भी इसी ट्रक में सवार थे। रविन्द्र सिंह थापा अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी व दो मासूम बच्चों को छोड़ गये हैं। उनकी मां मूल गांव धारचूला रहती है, जबकि पत्नी व बच्चे हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित पंचायत घर के पास रहते हैं।

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उनके शहीद होने की खबर जैसे ही मिली तो हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। उनके परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। रविन्द्र के पिता का साया तो उनके सिर से पहले ही उठ चुका था। वह अपनी मां, पत्नी व बच्चों का सहारा थे, लेकिन अब वह इस दुनियां में नहीं रहे। 2007 में वह भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। (आगे पढ़ें, ख़बर जारी है)

शहीद रविन्द्र की पार्थिव देह शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट लाई जायेगी। फिर पंतनगर एयरपोर्ट से धारचूला स्थित मूल निवास लाया जायेगा। जहां सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि होगी। वह मूल रूप से पिथौरागढ़ जनपद के पय्यापौड़ी गांव निवासी थे। हल्द्वानी में उनकी पत्नी कमला देवी, 10 वर्षीय बेटा पीयूष और 03 वर्षीय बेटी इशिका रहते हैं। वह सभी भी अंतिम यात्रा में शामिल होंगे।

शहीद रविन्द्र के बड़े भाई लोकेंद्र भी भारतीय सेना में सेवारत हैं। उनके चाचा भूपेंद्र थापा ने बताया कि रवींद्रबीते 08 दिसंबर को शादी में शामिल होने के लिए धारचूला आने वाले थे, लेकिन जब वह हल्द्वानी पहुंचे तो उन्हें यूनिट ने उन्हें वापस बुला लिया था। शायद होनी को यही मंजूर था।

शहीद हुए जवानों की सूची –

रविंद्र सिंह थापा धारचूला, पिथौरागढ़ (उत्‍तराखंड), चरण सिंह लखनऊ (यूपी), भूपेंद्र सिंह एटा (यूपी), श्‍याम सिंह यादव उन्‍नाव (यूपी), लोकेश कुमार मुजफ्फरनगर (यूपी), चंदन कुमार मिश्र खगरिया (बिहार), प्रमोद सिंह आरा (बिहार), ओंकार सिंह पठानकोट (पंजाब), गोपीनाथ माकुर बांकुरा (पश्चिम बंगाल), सुखा राम जोधपुर (राजस्‍थान), वैसाख एस पालक्‍काड़ (केरल), विकास कुमार फतेहाबाद (हरियाणा), अरविंद कुमार भिवानी (हरियाणा), सोमवीर सिंह हिसार (हरियाणा), मनोज कुमार झुंझुनू (राजस्‍थान), गुमान सिंह जैसलमेर (राजस्‍थान)।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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