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रानीखेत: मां नंदा–सुनंदा महोत्सव, पारंपरिक झोड़ा प्रतियोगिता सम्पन्न

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गौरा स्वयं सहायता समूह चिलियानौला प्रथम

पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता में आराध्या चंद्रा और ज्योति साह ने मारी बाज़ी

सीएई रिपोर्टर, रानीखेत।

नगर में आयोजित मां नंदा–सुनंदा महोत्सव समिति के तत्वावधान में रविवार को महिलाओं की पारंपरिक झोड़ा प्रतियोगिता बड़े उत्साह और उमंग के साथ सम्पन्न हुई। शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर और ग्रामीण क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रतिभाग किया।

13 महिला समूहों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

प्रतियोगिता में कुल 13 महिला समूहों ने हिस्सा लिया। जय भूमिया देवता महिला ग्रुप वाटिका कॉलोनी चिलियानौला, महिला संघ पिलखोली, शिव मंदिर मातृशक्ति समूह, नीलकंठ महिला समिति आबकारी, गौरा स्वयं सहायता समूह चिलियानौला, रंगीलो कुमाऊं एमईएस कॉलोनी पुदीनापानी, मां नंदा सुनंदा महिला समिति, लोक लहरिया झोड़ा पिलखोली, नारी शक्ति रानीखेत, चेली ब्वारी समूह रानीखेत, कैंट ग्रुप और बद्री व्यू महिला संगठन सहित अन्य टीमें शामिल रहीं।

विजेता टीमों को मिला नकद पुरस्कार व ट्रॉफी

कड़े मुकाबले के बाद गौरा स्वयं सहायता समूह, चिलियानौला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

  • प्रथम पुरस्कार: ₹15,000 नकद व ट्रॉफी – सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने प्रदान किया।
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹7,500 नकद व ट्रॉफी – समिति संरक्षक हरीश लाल साह ने प्रदान किया।
  • तृतीय पुरस्कार: ₹3,500 नकद व ट्रॉफी – कोषाध्यक्ष मोहिल साह ने प्रदान किया।

समिति की ओर से सभी प्रतिभागी टीमों को भी विशेष पुरस्कार दिए गए।

निर्णायकों ने दी लोककला की जानकारी

प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका वरिष्ठ पत्रकार एवं रंगकर्मी नवीन बिष्ट और संस्कृतिकर्मी नारायण सिंह थापा ने निभाई। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागी महिलाओं को झोड़ा, चांचरी और लोकगीत-नृत्य की विभिन्न विधाओं पर मार्गदर्शन भी दिया।

वेशभूषा प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाया हुनर

कार्यक्रम से पूर्व पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता भी आयोजित हुई।

  • जूनियर वर्ग: आराध्या चंद्रा प्रथम, खुशी बिष्ट द्वितीय और भारती थापा तृतीय रहीं।
  • सीनियर वर्ग: ज्योति साह प्रथम, शोभा पंत द्वितीय और कुसुमलता जोशी तृतीय स्थान पर रहीं।

निर्णायक राजेन्द्र पंत और दीपक पंत रहे, जबकि संचालन गौरव तिवारी और दीपक पंत ने किया।

संस्कृति और परंपरा का जीवंत मंच

यह आयोजन हर वर्ष रानीखेत की महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी प्रतियोगिता ने साबित किया कि कुमाऊं की लोक परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर आज भी पूरे उत्साह और गर्व के साथ जीवित हैं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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