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यूपी की मंडियों में जैविक अनाज की होगी ब्रांडिंग, हर मंडल में बनेगी टेस्टिंग लैब – योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जैविक पद्धति से रासायनिक खाद रहित जो खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है, उसके लिए सभी 18 मंडलों में पहले चरण में टेस्टिंग लैब स्थापित की जा रही है। साथ ही, प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों को उपज का उचित दाम मिल सके, इसके लिए हर मंडी में अलग से व्यवस्था बनाकर व्यवस्थित मार्केटिंग के काम को भी आगे बढ़ाया जा है। इसके अलावा बुंदेलखंड के सात जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर विशेष प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को नीति आयोग द्वारा नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल सहभागिता करते हुए यह जानकारी दी। नीति आयोग ने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती और इनोवेटिव एग्रीकल्चर विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया था।

इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव कुमार ने प्राकृतिक खेती को लेकर किए जा रहे राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। कार्यशाला में योगी ने केंद्रीय बजट में भी प्राकृतिक खेती को स्थान देने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक बड़े भूभाग में प्राकृतिक खेती की जा रही है। इसके बड़े अच्छे और चमत्कारिक परिणाम मिले हैं।

उन्होंने कहा कि खासतौर पर नमामि गंगे और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत पिछले तीन साल में प्रदेश में पहले चरण में जैविक खेती को बढ़ावा दिया और 2020 के बाद से प्राकृतिक खेती को अपनाकर इस क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयोग भी किए हैं। नमामि गंगे योजना में भी प्रदेश के 27 जिलों में गंगा के तटवर्ती 10 किमी के अंदर प्राकृतिक खेती में ही औद्यानिकीकरण और कृषि वानिकी को शामिल करते हुए दो लाख से अधिक किसानों को जोड़ने के एक बड़े अभियान को आगे बढ़ाया गया है।

कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद थे।

योगी ने कहा कि प्राकृतिक खेती से जुड़कर किसान धरती माता को विष से मुक्त करने के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 825 विकास खंडों में 1.65 लाख किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार अनेक ऐसे कार्यक्रम चला रही है, जिससे प्रगतिशील किसानों को प्राकृतिक खेती के माध्यम से अपनी लागत को कम करके अपनी आय को कई गुना बढ़ाया है।

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