पंतनगर। पंतनगर विवि की राष्ट्रीय सेवा योजना विज्ञान इकाई ने 13 अप्रैल को राष्ट्रीय जल दिवस पर एक दिवसीय कैंप का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय शिविर में स्वयंसेवी एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रागिनी मिश्रा ने देश में जल संकट के कारणों पर विस्तार में चर्चा की। डॉ. मिश्रा ने स्वयंसेवी को बताया कि जल संकट से निपटने हेतु हमें सार्वजनिक सिंचाई-नहरों की सिंचाई क्षमता में इजाफा, कम हो रहे भूमि जल संग्रह को पुनः संग्रहीत करना, प्रति यूनिट पानी में फसलों की उत्पादकता में वृद्धि और भूमिगत जमीन के ऊपर के जलस्रोतों को नष्ट होने से बचाना आदि उपाय करने होंगे।
ऐसा कर के ही जल और भारत का भविष्य सुरक्षित रहेगा। कार्यक्रम अधिकारी रागिनी मिश्रा ने स्वयंसेवी को बताया कि जल संकट से बचने के लिए कि हमें ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने चाहिए। पेड़ों के जरिए ही हम नदियों और तालाबों के कटाव को रोकते हैं और वर्षा के जल को आकर्षित करते हैं। बारिश के पानी को यदि जमीन में ठीक तरीके से उतारने का कार्य किया जाए तो जल संकट को समाप्त किया जा सकता है। डॉ. मिश्रा एवं सभी स्वयंसेवकों ने जल संकट से बचाव हेतु वृक्षारोपण करने का प्रण लिया। कस्तूरबा छात्रावास में 50 अशोक व 10 नीम के वृक्ष लगाए। इस एक दिवसीय कैंप में वेबीनार वाद विवाद, स्लोगन एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
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