एडीएम ने लंबित कार्य तत्काल पूरे करने के दिए निर्देश
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिले में शहीदों के सम्मान से जुड़े स्मारकों और द्वारों के निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो, इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) युक्ता मिश्र ने बुधवार को अधिकारियों को सभी लंबित कार्य तत्काल प्रभाव से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग द्वारा प्रस्तावित शहीद द्वारों और स्मारकों के निर्माण की प्रगति समीक्षा बैठक के दौरान, एडीएम ने स्पष्ट किया कि भूमि उपलब्ध कराने से लेकर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और आगणन तैयार करने की प्रक्रिया सरल और त्वरित होनी चाहिए, ताकि यह महत्वपूर्ण कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।
दरअसल, यह समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जनपद में प्रस्तावित शहीद द्वारों और स्मारकों की वर्तमान स्थिति का जायजा लेना था। इसी क्रम में, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शहीदों का सम्मान सर्वोपरि है और इससे जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहीद द्वारों का वर्गीकरण
बैठक के दौरान, विभागीय अधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में प्रस्तावित शहीद द्वारों को उनकी लागत और आकार के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
- लघु श्रेणी: लागत ₹5 लाख
- मध्यम श्रेणी: लागत ₹10 लाख
- वृहद श्रेणी: लागत ₹15 लाख
इसके अलावा, अधिकारियों ने यह भी बताया कि शहीद स्मारकों के निर्माण के लिए प्रक्रियाएं तेजी से चल रही हैं।
एडीएम के प्रमुख निर्देश और सख्ती
अपर जिलाधिकारी ने विशेष रूप से लंबित कार्यों की सूची की समीक्षा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनओसी और आगणन तैयार करने की प्रक्रिया में कोई विलंब नहीं होना चाहिए। अतः, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- शहीद द्वारों और स्मारकों से संबंधित सभी लंबित कार्य तत्काल प्रभाव से पूरे किए जाएं।
- विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित स्मारकों और द्वारों की अब तक की कार्यवाही की स्थिति नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए।
- किसी भी परिस्थिति में निर्माण कार्य बाधित नहीं होना चाहिए।
परिणामस्वरूप, इन निर्देशों के माध्यम से एडीएम ने समय पर कार्य पूर्ण करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला सैनिक एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल विजय मनराल, ईई लोनिवि हर्षित गुप्ता समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

