मोहन यादव होंगे मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री

भोपाल | भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। मोहन यादव को मध्य प्रदेश का नया…

मोहन यादव होंगे मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री

भोपाल | भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। मोहन यादव को मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। वह दक्षिण उज्जैन से विधायक हैं और शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पसंद माना जा रहा है। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा का स्पीकर बनाया जाएगा। जबकि राजेंद्र शुक्‍ल और जगदीश देवड़ा डिप्टी सीएम होंगे।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद से इस बात को लेकर काफी चर्चा चल रही थी कि क्या एमपी में भी नए चेहरे को सीएम बनाया जाएगा। जहां आखिरकार सोमवार शाम अटकलों पर विराम लग गया और मोहन यादव को भाजपा विधायक दल में सर्वसम्मति से सीएम चुना गया।

कौन हैं मोहन यादव ?

मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को हुआ है। दो पुत्र और एक पुत्री है। उन्होंने एलएलबी किया है। 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय में पहली बार छात्र संघ के सह सचिव चुने गए थे। 1984 में अखिल भारती विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री बने थे। 1986 में वह विभाग प्रमुख बने थे। 1988 में मोहन यादव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश सह मंत्री बन गए थे। 1991-92 में मोहन यादव राष्ट्रीय मंत्री बन गए थे। इसके बाद उन्होंने संघ से भी जुड़कर लंबे समय तक काम किया है।

वह 2013 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 2018 में उन्होंने दूसरी बार उज्जैन दक्षिण सीट से चुनाव जीता। मार्च 2020 में शिवराज सरकार के दोबारा बनने के बाद जुलाई में उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया था। दो जुलाई 2020 को शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सूबे की राजनीति में उनका कद बढ़ा।

वह सिर्फ तीन बार के विधायक हैं। पार्टी ने उन्हें बड़ा जिम्मेदारी दे दी है। इस फैसले सभी लोग हैरान हैं। जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री के चयन में संघ की पसंद का ख्याल रखा गया है। संघ में मोहन यादव की अच्छी पकड़ है। वह जमीनी स्तर के नेता रहे हैं। हालांकि अपने बयानों की वजह से मोहन यादव कई बार चर्चा में रहे हैं।