सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की सोमेश्वर विधानसभा प्रभारी किरन आर्या ने कहा है कि सोमेश्वर की विधायक एवं राज्यमंत्री रेखा आर्या को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि उनके अधीनस्थ जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी के बिना सूचित किए ही नदारत होने से राज्य की कानून व्यवस्था एवं उनकी कार्य क्षमता पर सवालिया निशान लग गया है। ऐसे में उन्होंने पर मंत्री पद पर रहने का नैतिक आधार खो दिया है।
उपपा विधानसभा प्रभारी किरन आर्या का कहना है कि राज्यमंत्री रेखा आर्या ने समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव वी षणमुगम पर टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखा है। इस पत्र में इस अधिकारी का अपहरण होने या नदारद होने या भूमिगत होने की आशंका व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा कि इस पत्र ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। इसलिए इस मामले की एसआइटी जांच की जानी चाहिए। उपपा नेता किरन आर्या ने यहां जारी बयान में आरोप लगाया है कि सोमेश्वर विधानसभा में चुनाव जीतने के लिए जैसे हथकंडे अपनाए गए। उससे उत्तराखंड की राजनीति में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस व भाजपा जैसे दलों राजनीति में दल बदल से कोई परहेज नहीं है। उन्होंने सोमेश्वर विधानसभा की जनता से छोटे-छोटे स्वार्थों से ऊपर उठकर विधानसभा में बेहतर परंपराओं को स्थापित करने की अपील की है।
अल्मोड़ा: राज्यमंत्री रेखा आर्या को नैतिकता से इस्तीफा देना चाहिए-किरन
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