ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
CNE REPORTER : नैनीताल के धारी ब्लॉक अंतर्गत दीनी तल्ली क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना आदमखोर गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। इसी गुलदार ने बीते 26 दिसंबर को धुरा तोक निवासी हेमा देवी को अपना निवाला बनाया था, जिसके बाद से पूरे इलाके में भय का माहौल था।

पिंजरे में फंसा हिंसक गुलदार
धारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत दीनी तल्ली के मली दीनी वाली क्षेत्र में मंगलवार तड़के लगभग 03:44 बजे वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी। विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में वह गुलदार फंस गया, जिसने क्षेत्र में आतंक मचाया हुआ था। पिंजरे में कैद होने के बाद वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से गुलदार का रेस्क्यू किया।
ग्राम प्रधान सतीश चंद्र और अन्य ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर गुलदार की शिनाख्त की। पुष्टि होने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया है। पकड़े गए वन्यजीव को वैज्ञानिक परीक्षण और आगे की कार्यवाही के लिए रानी बाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।
क्या थी पूरी घटना?
यह दर्दनाक हादसा 26 दिसंबर को घटित हुआ था। धुरा निवासी 35 वर्षीय हेमा देवी अपने मवेशियों के लिए चारा लेने घर के पास के जंगल में गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। महिला के देवर ने पत्थर मारकर गुलदार को डराने की कोशिश भी की, लेकिन वह उन्हें घसीटकर घने जंगल में ले गया। बाद में हेमा देवी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था।
वन विभाग का विशेष अभियान
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वन अधिकारी आकाश गंगवार और उपप्रभागीय वन अधिकारी ममता चंद के निर्देशन में एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया। वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट के नेतृत्व में टीम ने निम्नलिखित तकनीकों का सहारा लिया:
- ड्रोन निगरानी: घने जंगलों में गुलदार की लोकेशन ट्रेस करने के लिए।
- ट्रैप कैमरे: गुलदार की आवाजाही पर नजर रखने के लिए।
- पिंजरे और मेडिकल टीम: हमलावर गुलदार को सुरक्षित पकड़ने के लिए अतिरिक्त चिकित्सा दल की तैनाती।
रेस्क्यू टीम में शामिल सदस्य
सफल रेस्क्यू अभियान में विजय भट्ट, अभय जोशी, आनंद लाल आर्य, डॉक्टर तरुण गर्ग, डॉक्टर हिमांशु पांगती, वन दरोगा पूरन चंद मेलकानी, कृपाल सिंह राणा और गोधन सिंह बिष्ट सहित भारी संख्या में वन कर्मचारी और सुरक्षा बल शामिल रहे।

