काठगोदाम पुलिस: गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत मनीष छह माह के लिए जिला बदर

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काठगोदाम पुलिस: गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत मनीष छह माह के लिए जिला बदर
काठगोदाम पुलिस: गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत मनीष छह माह के लिए जिला बदर

नैनीताल के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हुई कार्रवाई

CNE REPORTER, हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से काठगोदाम पुलिस ने जिला बदर की कार्रवाई की है। जिलाधिकारी, नैनीताल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के आदेशों के अनुपालन में काठगोदाम थाना क्षेत्र के रामलाल कॉलोनी निवासी मनीष पुत्र गंगाराम को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। पुलिस के अनुसार, संबंधित आदेश के क्रम में मनीष को नियमानुसार जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर किया गया है।


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पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीष काठगोदाम थाना क्षेत्र का निवासी है और उसके विरुद्ध विभिन्न वर्षों में आबकारी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं में नौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इन्हीं आपराधिक मामलों की पृष्ठभूमि में गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। जिला बदर की अवधि के दौरान संबंधित व्यक्ति को निर्धारित आदेश के अनुसार जनपद की सीमा से बाहर रहना होगा।

जिलाधिकारी नैनीताल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के आदेशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई। काठगोदाम कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रक्रिया पूरी की। इसमें खेड़ा पुलिस चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक खष्टी बिष्ट कुमार की भूमिका रही। पुलिस के अनुसार, मनीष को नियमानुसार जनपद की सीमा से बाहर जिला बदर किया गया।

आरोपी के विरुद्ध नौ मुकदमे दर्ज

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीष के विरुद्ध वर्ष 2019 से 2025 के बीच काठगोदाम थाने में कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत आठ मुकदमे तथा एक अन्य मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269 और 270 के साथ आबकारी अधिनियम की धाराओं का भी उल्लेख है। इसके अतिरिक्त, एक मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 60 और 21 का उल्लेख किया गया है। इन मामलों की पृष्ठभूमि में संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत मनीष को छह माह के लिए जिला बदर किया गया है।

छह माह तक जनपद से बाहर रहने का आदेश

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, लगातार दर्ज मामलों की पृष्ठभूमि में मनीष के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत जिला बदर की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के अंतर्गत उसे छह माह के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर किया गया है।

जिला बदर की कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित कानून के तहत सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर नियंत्रण करना है, जिनके विरुद्ध निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बाद इस प्रकार का आदेश जारी किया जाता है।

काठगोदाम पुलिस की इस कार्रवाई को जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जा रही पुलिस कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, किसी व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमे दर्ज होना अपने आप में उन आरोपों में दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं है। जिला बदर का आदेश संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी प्रशासनिक आदेश है।

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