HomeUttarakhandAlmoraजागेश्वरधाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र: धामी

जागेश्वरधाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र: धामी

ׂ╰┈➤ मुख्यमंत्री ने किया विधिवत श्रावणी मेले का शुभारंभ, हरेला पर्व पर रोपा पौधा
ׂ╰┈➤ 147 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान से संवारा जा रहा विश्व प्रसिद्ध धाम

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध जागेश्वरधाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक माह तक चलने वाले प्रसिद्ध श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने जागेश्वरधाम के दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन की मंगलकामना करते हुए प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि 147 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान से जागेश्वर संवर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने जागेश्वर मंदिर परिसर में खुद एक पौध रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

श्रावणी मेले के उद्घाटन पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आकर प्रत्येक व्यक्ति दिव्य ऊर्जा एवं आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी जागेश्वरधाम की पावन भूमि से सदैव नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के अंतर्गत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से जागेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना में मंदिर परिसर की प्राचीन गरिमा एवं मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वरधाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं में इस पवित्र धाम के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ा है। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से जागेश्वर में स्थानीय व्यापार, पर्यटन एवं स्वरोजगार को व्यापक लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि जन सहभागिता एवं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शीघ्र ही देश के अग्रणी एवं सर्वश्रेष्ठ राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले में आए श्रद्धालुओं से आस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता, प्राकृतिक संपदा एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। श्रावणी मेला हमारी समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है, जिसे और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, मेयर अजय वर्मा, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावणी मेला शुभारंभ के साक्षी बने।

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