अल्मोड़ा न्यूज: कसारदेवी, कटारमल व मजखाली से कूड़ा निस्तारण की योजना पर अमल शुरू, डीएम के प्रयास लाए रंग, अब बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के प्रयास तेज

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की पहल पर पर्यटक स्थल कसारदेवी, कटारमनल व मजखाली से अब कूड़ा निस्तारण सुचारू होगा। कूड़ा निस्तारण की योजना पर अमल शुरू हो चुका है और वाहन भी क्रय किया जा चुका है। दूसरी तरफ अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय में नगर के आसपास के क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रिकरण एवं उसके निस्तारण के सम्बन्ध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि नगर से लगे कसारदेवी, कटारमल एवं मजखाली में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रिकरण एवं उसके निस्तारण की योजना तैयार कर उस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इस हेतु वाहन क्रय कर लिया गया है, जो कूड़ा लाने और ले जाने के काम आयेगा। उन्होंने बताया कि ग्रीन हिल्स के सहयोग से यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कूड़ा निस्तारण हेतु कसारदेवी व मजखाली में एक-एक कम्पोस्टिंग शैड तैयार किया जायेगा और इसके लिए स्वजल के अधिकारियों को तत्काल कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिये। बैठक में डिप्टी कलेक्टर गौरव पाण्डे, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी, ग्रीन हिल्स के आशा डिसूजा, वसुधा पंत आदि शामिल थे।
बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के निर्देश: चिकित्सालयों से निकलने वाले जैव चिकित्सीय अपशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट) के निस्तारण के लिए उचित प्रबन्धन करने होंगे, ताकि चिकित्सालयों के अपशिष्ट से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं होने पाए। यह बात जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आज कलैक्ट्रेट में बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व सम्बन्धित चिकित्साधिकारी निरीक्षण कर चिकित्सालयों में निर्धारित मानको के अनुरूप पिट्स के लिए जगह चयनित करें। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय व सामुदायिक चिकित्सालय हवालबाग में बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने हेतु नोडल अधिकारी तैनात करेंगे, ताकि कार्य योजना बनायी जा सके। उन्होंने कहा कि बायो पिट्स निर्माण के लिए अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था एसडीआरएफ मद से की जायेगी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सविता हयांकी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. योगेश पुरोहित, पीएमएस बेस डा. एचसी गड़कोटी, पीएमएस जिला चिकित्सालय डा. आरसी पंत, ईआईसी के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक भण्डारी, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी आदि उपस्थित थे।


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