मरने के बाद ही स्थायी करना है तो इच्छा मृत्यु की अनुमति दें – कर्मचारी संघ

0
मरने के बाद ही स्थायी करना है तो इच्छा मृत्यु की अनुमति दें - कर्मचारी संघ
मरने के बाद ही स्थायी करना है तो इच्छा मृत्यु की अनुमति दें - कर्मचारी संघ

नियमितीकण के मुद्दे पर उपनल कर्मचारियों में उबाल

प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो संघ पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार की यही नीति रही कि कर्मचारियों को ‘मरने के बाद ही स्थायी करना है, तो हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दें।’


ADVERTISEMENTS

रविवार को प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की एक ऑनलाइन आपात बैठक में यह कड़ा रुख अपनाया गया, जहाँ सरकार पर उपनल कर्मियों के भविष्य को लेकर लापरवाही और भ्रामक प्रचार का गंभीर आरोप लगाया गया।

आर्थिक सहायता पर सरकार पर भ्रम फैलाने का आरोप

बैठक में हाल ही में दुर्घटना में दिवंगत हुए उपनल कर्मचारियों के परिजनों को दिए गए 50-50 लाख रुपये के चेकों को लेकर भी तीखी चर्चा हुई। प्रदेश उपाध्यक्ष कमल गढ़िया ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यह सहायता राज्य सरकार की ओर से नहीं, बल्कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से मिल रही है। यह राशि बैंक और संघ के बीच वर्ष 2022 से किए जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप हुए एमओयू (समझौते ज्ञापन) के तहत उपलब्ध कराई जा रही है।

संघ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने न तो उपनल कर्मचारियों के लिए कोई आर्थिक सहायता दी है और न ही नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनाई है। इसके बावजूद, सरकार इस उपलब्धि का श्रेय स्वयं लेकर जनता के बीच भ्रामक प्रचार कर रही है।

अध्यक्ष ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर उपनल कर्मचारियों को नियमितीकरण केवल मरने के बाद ही मिलना है, तो सरकार हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दे।” उन्होंने सरकार की इस स्थिति को ‘बेहद शर्मनाक’ बताया।

उन्होंने कहा कि वर्षों से ईमानदारी से काम कर रहे उपनल कर्मचारियों को न तो स्थायी किया गया है और न ही उनके भविष्य के लिए कोई नीति बनी है, जबकि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों ने नियमितीकरण के पक्ष में स्पष्ट आदेश दिए हैं।

इस अवसर पर महामंत्री प्रमोद गोसाई, संरक्षक गणेश गोस्वामी, राकेश जोशी, मनोज जोशी, त्रिभुवन बसेड़ा, आंचल वर्मा, मनोज गढ़कोटी, अनिल कोठारी, देवेंद्र, योगेश भाटिया, पूरन भट, विनोद बिष्ट, तेज बिष्ट समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉 अल्मोड़ा: दीपावली पर्व के दृष्टिगत एसएसपी ने पुलिस को सतर्क किया

ADVERTISEMENTS
CNE SPECIAL एक रहस्य, जो 89 साल बाद भी कायम है
अंतरराष्ट्रीय विशेष रिपोर्ट

Amelia Earhart Mystery: 9 लाख डॉलर खर्च, पांच दिन का समुद्री सफर और अंत में निकला पेड़ों का ढेर!

उपग्रह तस्वीरों में दिखा था विमान जैसा रहस्यमयी सुराग। जांच में क्या निकला? जानिए दुनिया की सबसे चर्चित विमानन गुत्थियों में से एक की पूरी कहानी।

पूरी खबर पढ़ें