5100 प्रथम पुरस्कार सहित 17 विशेष पुरस्कार
किसानों के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित रहेगा आयोजन
CNE REPORTER, लामाचौड़। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के सम्मान का प्रतीक लोकपर्व हरेला इस वर्ष और अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा। हरेला महापर्व के उपलक्ष्य में 16 जुलाई 2026 (बृहस्पतिवार) प्रातः 11 बजे से रितेश गार्डन बैंक्वेट हॉल, लामाचौड़ में हरेला प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता का उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है।

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आयोजक एवं जिला पंचायत सदस्य डॉ. छवि कांडपाल बोरा तथा ग्राम प्रधान त्रिवेणी गयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और कृषि से जुड़े जीवन दर्शन का प्रतीक है। यह पर्व हरियाली, समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं और बच्चों को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हरेला पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। किसान पूरे वर्ष अपनी मेहनत से अन्न उत्पादन कर समाज का जीवन समृद्ध बनाते हैं। ऐसे में हरेला के माध्यम से किसानों के योगदान को सम्मान देना और अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए लोगों को प्रेरित करना समय की आवश्यकता है।
आकर्षक पुरस्कार प्रतिभागियों का बढ़ाएंगे उत्साह
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे—
- 🥇 प्रथम पुरस्कार – ₹5100
- 🥈 द्वितीय पुरस्कार – ₹3100
- 🥉 तृतीय पुरस्कार – ₹2100
इसके अतिरिक्त 17 विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन हो सके।
प्रतियोगिता की प्रमुख शर्तें
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को निम्न नियमों का पालन करना होगा—
- प्रतिभागी अपना स्वयं उगाया गया हरेला प्रतियोगिता स्थल पर लेकर आएंगे।
- एक परिवार से केवल एक ही हरेला प्रतियोगिता के लिए मान्य होगा।
- पूर्व पंजीकरण अनिवार्य रहेगा।
- पंजीकरण ऑनलाइन अथवा आयोजक के अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से कराया जा सकेगा।
- हरेले का मूल्यांकन उसकी लंबाई, चौड़ाई, घनत्व, हरियाली एवं समग्र प्रस्तुति के आधार पर किया जाएगा।
- प्रतिभागियों को निर्धारित समय से 30 मिनट पूर्व कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होना होगा।
- निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
- आवश्यकता पड़ने पर आयोजकों को नियमों में संशोधन करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
16 जुलाई को होगा आयोजन
प्रतियोगिता बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 2026 को प्रातः 11 बजे से रितेश गार्डन बैंक्वेट हॉल, लामाचौड़ में आयोजित होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी मोबाइल नंबर 8859773045 पर संपर्क कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
हर घर-आंगन में हरियाली का संदेश
डॉ. छवि कांडपाल बोरा एवं ग्राम प्रधान त्रिवेणी गयाल ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि हरेला महापर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। सभी लोग अपने घर-आंगन में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें तथा उत्तराखंड की इस गौरवशाली लोक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अपनी सहभागिता निभाएं।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और किसानों के सम्मान का एक प्रेरणादायी अभियान बनेगा।
अतिथियों एवं निर्णायक मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी
इधर, आयोजक एवं जिला पंचायत सदस्य डॉ. छवि कांडपाल बोरा ने बताया कि हरेला प्रतियोगिता-2026 में हल्द्वानी के महापौर गजराज सिंह बिष्ट बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश रौतेला सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक गणमान्य हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए अनुभवी एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का निर्णायक मंडल भी गठित किया गया है। इसमें रेनू जोशी, राज्य आंदोलनकारी, पूर्व राज्यमंत्री एवं कनिष्ठ प्रमुख, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र क्वीरा तथा सेवानिवृत्त शिक्षिका विमला क्वीरा निर्णायक की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन के माध्यम से श्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।


