सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा/ बागेश्वर
आज कुमाऊंभर में गंगा दशहरा का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। घर—घर में विशेष पूजा अर्चना की गई और घर के प्रवेश द्वारों व मंदिरों में सुख समृद्धि के प्रतीक स्वरूप दशहरा द्वार पत्र लगाए गए। ये द्वार पत्र सुख—समृद्धि व रक्षा संबंधी मंत्रों से ओतप्रोत रहे। कोविड कर्फ्यू और लगातार बारिश के कारण मंदिरों में चहल—पहल कम रही और पर्व सादगी से मनाया गया। अल्मोड़ा में श्रद्धालुओं ने विविध मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की।
बागेश्वर: यहां गंगा दशहरा पर्व परंपरागत व सादगी से मनाया गया। खराब मौसम के चलते रविवार को गंगा दशहरा पर्व पर सरयू में स्नान और पूजा अर्चना करने वालों की तादाद काफी कम रही। लोगों ने घरों पर रहकर ही सादगी के साथ गंगा दशहरा पर्व मनाया। कुछ लोगों ने बाबा बागनाथ मंदिर में दशहरा पत्र लगाए। वहीं घरों में महिलाओं और परिवार के वरिष्ठ जनों ने घर-परिवार की सुरक्षा के लिए देहली और दरवाजों पर दशहरा द्वार पत्र लगाए। पंडित हेम चन्द्र जोशी ने बताया कि दशहरा द्वार पत्र में पर लिखे मंत्र घर और घर में रहने वाले सदस्यों की विभिन्न आपदाओं से रक्षा करते हैं। उधर गरुड़ के कोट भ्रामरी मंदिर, बैजनाथ, दिव्येश्वर, चक्रवतेश्वर, कपकोट के शिवमंदिर, काशीलदेव मंदिर, पोथिंग भगवती मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। दुग-नाकुरी तहसील स्थित नौलिंग मंदिर में सत्यनारायण कथा का आयोजन किया गया।
Almora/Bageshwar: सादगी और परंपरागत तरीके से मनाया गंगा दशहरा पर्व, घर—घर में रक्षा कवच के रूप में लगे द्वार पत्र, मंदिरों में पूजा अर्चना
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