मानव वन्य जीव संघर्ष कम करने को चारा वितरण
सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। गुलदार की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए मोतियापाथर अनुभाग के मेरगांव क्षेत्र में वन विभाग ने गश्त तेज कर दी है, साथ ही ग्रामीणों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए पशु चारा वितरित कर वनों पर उनकी निर्भरता कम करने की पहल शुरू की है।
मेरगांव में सुबह की गश्त और सतर्कता अपील
मेरगांव और आसपास के इलाकों में गुलदार दिखने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने आज सुबह सघन गश्त की। इस दौरान विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से संवाद किया और उन्हें अकेले जंगल न जाने तथा अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर न निकलने की अपील की।
गश्त टीम में शामिल सदस्य: उत्तरी गौला वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट, अजायबघर वन क्षेत्राधिकारी आनन्द लाल, डॉ. हिमांशु पांगती, वन दरोगा कृपाल सिंह राणा, सुनील कुमार, अभय कुमार, सुखदेव सिंह राणा, गोधन सिंह बिष्ट, हरेंद्र सिंह, हिमांशु बर्गली, बसन्त बल्लभ पांडेय, मनोज कैड़ा, पंकज रैक्वाल, प्रकाश चन्द्र जोशी, देव शास्त्री, सुभाष कुमार और सुरेन्द्र मेर।
तल्ली दीनी गांव में चारा वितरण
आज (8 जनवरी 2026) तल्ली दीनी गांव में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन विभाग ने ग्राम प्रधान सतीश चन्द्र की उपस्थिति में ग्रामीणों को पशु चारा वितरित किया।
इस पहल के मुख्य उद्देश्य:
- वनों पर निर्भरता कम करना: ग्रामीण चारे के लिए जंगल न जाएं, जिससे गुलदार के हमले का खतरा कम हो सके।
- सुरक्षा जागरूकता: ग्रामीणों को वन्यजीवों के व्यवहार के प्रति जागरूक करना।
- संघर्ष न्यूनीकरण: आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों के दखल को रोकने के लिए दीर्घकालिक उपाय करना।
इस कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट के साथ मनोज कैड़ा, पंकज रैक्वाल और प्रमोद कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
ग्रामीण इन बातों का रखें खास ध्यान:
- सुबह और शाम के समय अकेले घर से बाहर न निकलें।
- घर के आसपास झाड़ियों को साफ रखें ताकि जंगली जानवर छिप न सकें।
- पालतू पशुओं को सुरक्षित बाड़े में रखें।
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी वन चौकी को सूचित करें।

