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लमगड़ा महाविद्यालय में बुनियादी विषयों और कक्षाओं की मांग, आक्रोश

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मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा (अल्मोड़ा) में लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक समस्याओं और बुनियादी विषयों की कमी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। बरसों से केवल आश्वासनों के सहारे चल रहे इस कॉलेज की बदहाली से नाराज होकर क्षेत्रवासियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इस संबंध में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है।

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ज्ञापन में बताया गया है कि राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा की स्थापना वर्ष 2014-15 में हुई थी। बेहद उम्मीदों के साथ खोले गए इस संस्थान को एक दशक बीत जाने के बाद भी आज तक बुनियादी सुविधाएं और जरूरी विषय नहीं मिल पाए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनता द्वारा पूर्व में भी कई बार शासन-प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर बीए (B.A.) के अंतर्गत विभिन्न विषयों को शुरू करने और अन्य जायज मांगें पूरी करने का आग्रह किया गया था। लेकिन, काफी समय बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस और उचित कार्रवाई नहीं की गई। शासन की इसी उदासीनता से मजबूर होकर क्षेत्रवासियों को गत 25 मई 2026 को धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ा।

300 से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर

नागरिकों का कहना है कि यह महाविद्यालय क्षेत्र की लगभग 6 दर्जन (72) से भी अधिक ग्राम पंचायतों के गरीब और ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र सहारा है। वर्तमान में कॉलेज में 300 से भी अधिक छात्र-संख्या है। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के होने के बावजूद कॉलेज में पर्याप्त विषयों का न होना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जनप्रतिनिधियों ने दुख जताते हुए कहा कि लगातार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी जनभावनाओं और क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।

प्रमुख मांगें —

क्षेत्रवासियों और छात्र संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं:

महत्वपूर्ण विषयों की शुरुआत: महाविद्यालय में इतिहास, समाजशास्त्र, संगीत, भूगोल और गृह विज्ञान जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को तत्काल स्वीकृत कर संचालित किया जाए।

एम.ए. (M.A.) की कक्षाएं: स्नातक कर चुके छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज में एम.ए. की कक्षाएं जल्द से जल्द शुरू की जाएं।

विज्ञान वर्ग का संचालन: क्षेत्र के युवाओं को वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए कॉलेज में विज्ञान वर्ग की कक्षाएं भी अनिवार्य रूप से संचालित की जाएं।

एक माह का अल्टीमेटम और उग्र आंदोलन की चेतावनी

मुख्यमंत्री को भेजे गए इस ज्ञापन में क्षेत्रवासियों और छात्र-छात्राओं ने शासन-प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी 1 माह के भीतर इन सभी जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे दोबारा से एक अत्यंत उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। इस उग्र आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था या विपरीत स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी पूर्ण रूप से शासन और प्रशासन की होगी।

इस मांग पत्र पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन जताया। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से राकेश पांडे, मनोज रावत, मोहन सिंह नगरकोटी , दीपक गलाड़ी , तिलक सिंह, राजेंद्र सिंह पिलख्वाल, कमल डालाकोटी, राहुल डैला, काजल तोलिया, मोहिता ढैला, रोशनी डैला, प्रियंका बिष्ट, वैशाली बिष्ट, अंजू जीना, प्रेमा डैला, ज्योति डैला, प्रियंका रावत, ललिता, राहुल, भावना चौहान, मोनिका चौहान, अंजलि, दिव्या बगड़वाल, महिमा, प्रियांश रावत, विक्रम डैला, सुंदर सिंह रावत, करन सिंह, कैलाश सिंह, गौरव सिंह और कपिल बहुगुणा सहित दर्जनों अभिभावक व छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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