बागेश्वर में संविधान दिवस पर शपथ और जागरूकता अभियान
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। बागेश्वर जिले में बुधवार को संविधान दिवस पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर के सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और तहसीलों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य देश के सर्वोच्च कानून के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाना था।
संविधान दिवस का मुख्य कार्यक्रम कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया गया। यहां अपर जिलाधिकारी (एडीएम) एनएस नबियाल ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई।
एडीएम नबियाल ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान देश की आत्मा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के गौरव, अधिकार और सम्मान का रक्षक है। उन्होंने अधिकारियों और नागरिकों को यह भी याद दिलाया कि संविधान में केवल अधिकारों का ही नहीं, बल्कि नागरिकों के कर्तव्यों का भी स्पष्ट उल्लेख है। उन्होंने कहा, “सभी का यह दायित्व है कि वे संविधान की मूल भावना और मूल्यों की रक्षा करें।” उन्होंने उपस्थित लोगों से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की मार्मिक अपील की।
जिले भर में जागरूकता और जनकल्याणकारी योजनाएँ
जिले में संविधान दिवस के अवसर पर व्यापक आयोजन किए गए। विभागों, शिक्षण संस्थानों, राजकीय कार्यालयों, विकासखण्डों और तहसीलों में प्रस्तावना की शपथ, विचार गोष्ठी, संविधान के मूल्यों पर जागरूकता, स्वच्छता और जल संरक्षण की शपथ जैसे विविध कार्यक्रम शामिल रहे।
तहसील सभागार बागेश्वर में एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। तहसीलदार रितु गोस्वामी ने इस शिविर में अधिकारियों और आमजन को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। इस शिविर का एक महत्वपूर्ण आकर्षण यह था कि यहाँ समाज कल्याण, सेवायोजन, खाद्य आपूर्ति, कृषि, उद्यान, उद्योग, मत्स्य, उरेडा जैसे विभिन्न विभागों ने अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आम जनता को प्रदान की, जिससे उन्हें सरकारी लाभों के प्रति जागरूक किया जा सके।
इस कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, मत्स्य अधिकारी मनोज मियांन, पूर्ति अधिकारी जीबी. पांडेय, रेडक्रॉस के पूर्व चेयरमैन संजय शाह जगाती सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे। बागेश्वर जिले में संविधान दिवस का आयोजन नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का एक सफल प्रयास रहा।

