पुलिस से तीखी झड़प; जमकर हुआ हंगामा
Viral वीडियो ने बढ़ाई हलचल
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड दौरे और हल्द्वानी में प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले प्रदेश की सियासत अचानक गरमा गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में पहुंचने से रोके जाने के आरोपों ने ऐसा तूल पकड़ा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दर्जनों कार्यकर्ता सीधे हल्द्वानी स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते वहां नारेबाजी, तीखी बहस, धक्का-मुक्की और पुलिस-नेताओं के बीच तनातनी का माहौल बन गया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से हल्द्वानी आ रही पार्टी कार्यकर्ताओं की बसों को पुलिस प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर रोक दिया गया। इसे कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों में हस्तक्षेप बताते हुए पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मामला इतना बढ़ा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय परिसर में पहुंच गए। यहां पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें कार्यालय के भीतर तनावपूर्ण स्थिति और कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल सुनाई दे रहा है।
बसें रोके जाने के आरोप से भड़की कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता बसों के जरिए हल्द्वानी पहुंच रहे थे। आरोप है कि इन बसों को रास्ते में पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर रोका गया।
कांग्रेस का कहना है कि कार्यकर्ता किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए नहीं, बल्कि पार्टी के निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए हल्द्वानी आ रहे थे। ऐसे में उन्हें रास्ते में रोकना सरकार और पुलिस प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा और मामला बढ़ते-बढ़ते एसएसपी कार्यालय तक पहुंच गया।
SSP कार्यालय में प्रवेश के बाद बिगड़ा माहौल
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ जब एसएसपी कार्यालय पहुंची तो वहां पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो गई।
वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाई देती है। इस दौरान कुछ कांग्रेस नेता कार्यालय के अंदर जाते हुए नजर आते हैं। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ नेताओं ने कार्यालय के भीतर अलग-अलग कमरों के दरवाजे खोलकर किसी व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारी भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते दिखाई देते हैं, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस लगातार तेज होती नजर आती है।
वायरल VIDEO में गाली-गलौज और धमकी भरी आवाजें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कार्यालय के भीतर अफरातफरी का माहौल नजर आ रहा है। वीडियो में भीड़ के बीच से तेज आवाजें सुनाई देती हैं और कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कुछ लोग किसी व्यक्ति को बाहर निकालने की मांग करते हुए कथित तौर पर अपशब्द बोलते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में “बाहर निकालो…” और “कहां है…” जैसी आवाजों के साथ मारपीट और जूता मारने की धमकी जैसे शब्द भी सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। वीडियो में दिखाई और सुनाई दे रही गतिविधियों के आधार पर ही यह घटनाक्रम सामने आया है।
कौन है ‘शुक्ला’? तलाश को लेकर भी मचा हंगामा
हंगामे के दौरान भीड़ में बार-बार ‘शुक्ला’ और ‘बुलन शुक्ला’ नाम पुकारे जाने की आवाजें सुनाई देती हैं। वीडियो में कुछ लोग संबंधित व्यक्ति को बाहर लाने की मांग करते दिखाई देते हैं।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं की नाराजगी किसी विशेष व्यक्ति को लेकर भी थी और इसी क्रम में कार्यालय के भीतर उसकी तलाश की गई। हालांकि, इस व्यक्ति की भूमिका और पूरे विवाद में उसकी वास्तविक स्थिति को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
दरवाजे खोलकर कमरों में तलाश, पुलिस ने संभालने की कोशिश की स्थिति
वीडियो में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सफेद कुर्ते में कार्यालय के अंदर जाते हुए दिखाई देते हैं। इसके बाद वह कुछ कमरों के दरवाजे खोलते नजर आते हैं।
उनके पीछे अन्य कार्यकर्ता भी दिखाई देते हैं। दूसरी ओर पुलिस अधिकारी भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करते नजर आते हैं।
कुछ देर के लिए स्थिति ऐसी बनती दिखी कि पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, बाद में कांग्रेस नेता कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
यशपाल आर्य का आरोप—पुलिस सरकार के एजेंट की तरह कर रही काम
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर हल्द्वानी आ रही बसों को जानबूझकर विभिन्न स्थानों पर रोका गया।
आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम को प्रभावित करने के उद्देश्य से पुलिस-प्रशासन द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे लोगों को रोकना उचित नहीं है।
गणेश गोदियाल भी पुलिस कार्रवाई से नाराज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी कार्यकर्ताओं की बसें रोके जाने को लेकर पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन को किसी बस या व्यक्ति के संबंध में कोई आपत्ति थी तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन कार्यकर्ताओं को सामूहिक रूप से रोकना और उन्हें कार्यक्रम में पहुंचने से बाधित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
गोदियाल सहित कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से इस कार्रवाई का कारण स्पष्ट करने की मांग की।
SSP कार्यालय में धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
हंगामे और नोकझोंक के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी कार्यालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के चलते पुलिस-प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को सामान्य बनाए रखने की चुनौती बनी रही।
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक कार्यकर्ताओं को रोके जाने और पुलिस कार्रवाई के संबंध में जवाब नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।
खड़गे के कार्यक्रम से पहले बढ़ा राजनीतिक तापमान
मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम से ठीक पहले हल्द्वानी में सामने आया यह घटनाक्रम कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को और हवा दे सकता है।
एक ओर कांग्रेस इसे अपने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में पहुंचने से रोकने की कोशिश और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बता रही है, वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक और विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
फिलहाल एसएसपी कार्यालय में हुआ हंगामा हल्द्वानी की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया है। वायरल वीडियो ने इस विवाद को और तूल दे दिया है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन बसों को रोके जाने के आरोपों और एसएसपी कार्यालय में हुए हंगामे को लेकर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देता है।
एसएसपी कार्यालय के भीतर हुए हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों और सुनाई देने वाली आवाजों को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तस्वीर पुलिस के आधिकारिक बयान और जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।


