द मास्टर्स स्कूल में विद्यार्थियों ने सीखे टेंट पिचिंग, लैशिंग, ध्वज शिष्टाचार और समूह नेतृत्व के गुर
CNE REOPORTER, हल्द्वानी। “स्काउट एवं गाइड: जहाँ अनुशासन समर्पण से मिलता है और सेवा जीवन का मार्ग बन जाती है”—इसी भावना को चरितार्थ करते हुए द मास्टर्स स्कूल, पनियाली, हल्द्वानी में चल रहे स्काउट एवं गाइड परिचयात्मक सत्र के द्वितीय दिवस का आयोजन उत्साह, अनुशासन और सीखने की भावना के साथ सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने स्काउट एवं गाइड की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते हुए व्यवहारिक कौशलों का अभ्यास किया।
द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को स्काउट एवं गाइड से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण व्यवहारिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को लैशिंग, टेंट पिचिंग, ध्वज शिष्टाचार, बी.पी. एक्सरसाइज तथा समूह नेतृत्व जैसी गतिविधियों का अभ्यास कराया।
लैशिंग के अंतर्गत विद्यार्थियों ने बाँसों को रस्सी की सहायता से निर्धारित तकनीक के अनुसार जोड़ना सीखा। इस गतिविधि ने बच्चों को न केवल गांठ और बंधन की तकनीक समझाई, बल्कि यह भी सिखाया कि किसी सामूहिक कार्य को बेहतर परिणाम तक पहुंचाने के लिए धैर्य, सटीकता और आपसी सहयोग कितना आवश्यक है।
खुले मैदान में टेंट तैयार करना बना आकर्षण का केंद्र
प्रशिक्षण के दौरान टेंट पिचिंग विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों ने खुले मैदान में चादरों, बाँसों और रस्सियों की सहायता से समूहों में टेंट तैयार किए। इस पूरी गतिविधि में विद्यार्थियों ने नेतृत्व, कार्य-विभाजन, समय प्रबंधन और टीम भावना का परिचय दिया।
टेंट निर्माण जैसी गतिविधियां बच्चों को वास्तविक परिस्थितियों में समस्या का समाधान करने और सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग की सीख देती हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों में अपने हाथों से कार्य पूरा करने का उत्साह भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
‘कुकिंग विदाउट फायर’ में दिखी रचनात्मकता और टीम वर्क
द्वितीय दिवस का एक अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण रहा ‘Cooking Without Fire’। इस गतिविधि के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने विभिन्न टोलियों में विभाजित होकर बिना आग के खाद्य पदार्थ तैयार किए।
विद्यार्थियों ने भेल, चना चाट, फ्रूट चाट सहित विभिन्न व्यंजन तैयार किए। इस दौरान बच्चों ने सामग्री के चयन, तैयारी, स्वच्छता, प्रस्तुतीकरण और आपसी सहयोग का परिचय दिया।
गतिविधि का उद्देश्य केवल व्यंजन तैयार करना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और टीम वर्क की भावना विकसित करना भी था। अपने साथियों के साथ मिलकर कार्य पूरा करने के दौरान बच्चों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को ध्वज शिष्टाचार की जानकारी देते हुए स्काउट एवं गाइड परंपराओं में अनुशासन और सम्मान के महत्व से अवगत कराया गया। इसके साथ ही बी.पी. एक्सरसाइज के माध्यम से शारीरिक सक्रियता, एकाग्रता और अनुशासित गतिविधियों का अभ्यास कराया गया।
समूह नेतृत्व के अभ्यास में विद्यार्थियों को अपनी-अपनी टोली के साथ मिलकर कार्य करने, जिम्मेदारियां बांटने और निर्धारित लक्ष्य को सामूहिक रूप से पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन पूर्व की भांति सिटी सेक्रेटरी उमेश तिवारी, डीटीसी पुष्पा दर्मवाल एवं सुरेश पाठक द्वारा किया गया। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को गतिविधियों की बारीकियां समझाते हुए उन्हें स्वयं अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यकतानुसार उन्हें तकनीकी एवं व्यवहारिक सुझाव दिए गए। प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि स्काउट एवं गाइड केवल कुछ गतिविधियों का प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम है।
नेहा बिष्ट ने किया विभिन्न समूहों का अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान निदेशक अकादमिक-एडमिनिस्ट्रेशन नेहा बिष्ट ने विभिन्न समूहों की गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए टेंटों को देखा तथा ‘Cooking Without Fire’ गतिविधि के अंतर्गत तैयार किए गए व्यंजनों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्काउट एवं गाइड जैसी गतिविधियां बच्चों में केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि सहयोग, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और सेवा भावना विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इन मूल्यों को प्रशिक्षण स्थल तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों ने की सक्रिय भागीदारी
स्काउट एवं गाइड परिचयात्मक सत्र में द मास्टर्स स्कूल के साथ एबीएम पब्लिक स्कूल, जेएमडी स्कूल, लॉर्ड कृष्णा स्कूल एवं स्वामी विवेकानंद स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।
विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के एक साथ प्रशिक्षण लेने से आपसी संवाद, सहयोग और सीखने का अवसर भी मिला। अलग-अलग समूहों में की गई गतिविधियों ने विद्यार्थियों को टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का अनुभव प्रदान किया।
स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में ऐसे गुण विकसित करना है, जो उन्हें जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाएं। द्वितीय दिवस की गतिविधियों में अनुशासन, नेतृत्व, आत्मनिर्भरता, सहयोग, सेवा भावना और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों का व्यावहारिक रूप देखने को मिला।
टेंट निर्माण से लेकर भोजन तैयार करने और समूह गतिविधियों तक, हर चरण में विद्यार्थियों ने यह अनुभव किया कि सामूहिक प्रयास और सही दिशा में किया गया अनुशासित कार्य किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विद्यालय प्रबंधक चंदन सिंह रैकवाल ने स्काउट एवं गाइड परिचयात्मक सत्र के द्वितीय दिवस के सफल आयोजन पर सभी प्रशिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक जीवन के लिए भी तैयार करते हैं।
द्वितीय दिवस के समापन के साथ विद्यार्थियों में स्काउट एवं गाइड की गतिविधियों को लेकर उत्साह और बढ़ा। प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल और जीवन-मूल्य निश्चित रूप से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उपयोगी साबित होंगे।












