लैंडस्लाइड से पैदल मार्ग बंद, यूपी-बिहार में बाढ़ का कहर
| उत्तराखंड में 15 सितंबर तक भारी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा |
यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में, बिहार में 44 लाख लोग प्रभावित
CNE REPORTER, देहरादून/रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर मुसीबत बनता नजर आ रहा है। उत्तराखंड में भारी बारिश के अलर्ट के बीच शुक्रवार को केदारनाथ क्षेत्र में बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड हुई। पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित हो गया है। इस बीच मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है।
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की 11 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी राज्य मौसम चेतावनी के अनुसार 11 से 15 सितंबर तक उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश का दौर तीव्र से अति तीव्र भी हो सकता है।
उधर उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं और 26 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसूनी सिस्टम फिर सक्रिय हो गया है, जबकि बिहार में आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार के 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच करीब 44 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
केदारनाथ में बादल फटा, लैंडस्लाइड से पैदल मार्ग बंद
केदारनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट बदली। बादल फटने के बाद पहाड़ी क्षेत्र में तेज बारिश और मलबे का बहाव हुआ। इसके बाद बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा केदारनाथ पैदल मार्ग पर आ गिरे।
भूस्खलन के कारण पैदल मार्ग बाधित हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच चट्टानों के खिसकने और अचानक मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
केदारनाथ जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में मौसम विभाग की लगातार बारिश और आकाशीय बिजली संबंधी चेतावनी को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड में 15 सितंबर तक मौसम खराब रहने का संकेत
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से 11 सितंबर को सुबह 10 बजे जारी राज्य पूर्वानुमान के अनुसार 11 से 14 सितंबर तक उत्तराखंड में बारिश का वितरण Fairly Widespread यानी अपेक्षाकृत व्यापक रहने का पूर्वानुमान है।
वहीं 15 से 17 सितंबर के दौरान बारिश का वितरण Scattered यानी कुछ स्थानों तक सीमित/छिटपुट रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान 11 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 18 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक की अवधि के लिए जारी किया गया है।

मौसम विभाग का दिनवार पूर्वानुमान
| तारीख | बारिश का संभावित वितरण |
|---|---|
| 11 सितंबर | Fairly Widespread — अपेक्षाकृत व्यापक |
| 12 सितंबर | Fairly Widespread — अपेक्षाकृत व्यापक |
| 13 सितंबर | Fairly Widespread — अपेक्षाकृत व्यापक |
| 14 सितंबर | Fairly Widespread — अपेक्षाकृत व्यापक |
| 15 सितंबर | Scattered — कुछ स्थानों पर |
| 16 सितंबर | Scattered — कुछ स्थानों पर |
| 17 सितंबर | Scattered — कुछ स्थानों पर |
11 से 15 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली का अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक 11 सितंबर से 15 सितंबर तक लगातार मौसम पर नजर रखने की जरूरत है।
11 सितंबर — भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।
12 सितंबर — खतरा बरकरार
12 सितंबर को भी उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना है।
13 सितंबर — भारी बारिश के साथ बिजली का खतरा
13 सितंबर को भी राज्य में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज बारिश हो सकती है।
14 सितंबर — तेज बारिश का दौर
14 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की जरूरत रहेगी।
15 सितंबर — बिजली और तेज बारिश की चेतावनी
15 सितंबर को भी उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना बनी हुई है।
यानी केदारनाथ में शुक्रवार को हुई घटना के बाद भी मौसम का खतरा तत्काल समाप्त होता नहीं दिख रहा है।
देहरादून में बदला मौसम का मिजाज, तेज बारिश का दौर
राजधानी देहरादून में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। देर रात तेज बारिश हुई, जबकि दोपहर बाद शहर के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिली। लगातार बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछार के एक-दो दौर हो सकते हैं। कुछ स्थानों पर बारिश भारी से तीव्र भी हो सकती है।
देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
12 सितंबर को देहरादून समेत इन जिलों पर नजर
12 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर और उत्तरकाशी में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की संभावना बनी हुई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन, बोल्डर गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।
13 सितंबर को बागेश्वर-पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना
13 सितंबर को मौसम विभाग ने बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है।
पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश हो सकती है। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली की गतिविधियों को लेकर सावधानी जरूरी है।
14 सितंबर को सभी जिलों के लिए सतर्कता
14 सितंबर को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर की संभावना है। आपके द्वारा दी गई पूर्व सूचना के अनुसार इस दिन सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों, नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतनी होगी।
बारिश कितनी भारी मानी जाती है? मौसम विभाग के आंकड़े भी समझिए
मौसम विज्ञान केंद्र की दी गई चेतावनी में वर्षा की तीव्रता के लिए निम्न मानक दिए गए हैं:
- बहुत हल्की बारिश: 2.4 मिमी तक
- हल्की बारिश: 2.5 से 15.5 मिमी
- मध्यम बारिश: 15.6 से 64.4 मिमी
- भारी बारिश: 64.5 से 115.5 मिमी
- बहुत भारी बारिश: 115.6 से 204.4 मिमी
- अत्यंत भारी बारिश: 204.4 मिमी से अधिक
इसके अलावा बारिश के एक घंटे में होने वाले तेज दौर के लिए विभाग ने 20-30 मिमी प्रति घंटे को तीव्र, 30-50 मिमी प्रति घंटे को अति तीव्र और 50-100 मिमी प्रति घंटे को अत्यंत तीव्र वर्षा के रूप में दर्शाया है।
यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा-यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं।
राज्य के 26 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और चार लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
मिर्जापुर में पुल प्रभावित हुआ है, जबकि फर्रुखाबाद में हाईवे तक पानी पहुंच गया है। कई निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश में तीन दिन बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसूनी सिस्टम एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
गुरुवार रात भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश हुई। वहीं दमोह में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई कॉलोनियों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बारिश के फिर सक्रिय होने से आने वाले दिनों में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
बिहार में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
14 जिलों में बाढ़ की स्थिति है। करीब 2,360 गांव प्रभावित हुए हैं और लगभग 44 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में करीब 27,954 लोग रह रहे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
पहाड़ से मैदान तक बारिश ने बढ़ाई चिंता
उत्तराखंड में केदारनाथ में बादल फटने और लैंडस्लाइड से पैदल मार्ग बाधित होने की घटना सामने आई है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है और बिहार में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
ऐसे में उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक मौसम की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।
प्रशासन और यात्रियों के लिए चुनौती
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान नदी-नालों, गदेरों, पुलों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा और बोल्डर आने की घटना के बाद पर्वतीय मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी हो गया है।
BREAKING UPDATE
केदारनाथ में बादल फटने के बाद पैदल मार्ग बाधित — उत्तराखंड में 15 सितंबर तक बारिश, आकाशीय बिजली और तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की चेतावनी — यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में — बिहार में 44 लाख लोग प्रभावित।




