वन क्षेत्राधिकारी विजय चंद्र भट्ट के नेतृत्व में अभियान
CNE REPORTER, नैनीताल : जिले के धारी और बिछखाली क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का कारण बने गुलदारों को पकड़ने में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन क्षेत्राधिकारी उत्तरी गोला नथुवाखान (नैनीताल) विजय चंद्र भट्ट के कुशल नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत दीनी और बिछखाली क्षेत्र से अलग–अलग दो गुलदार पिंजरे में कैद किए गए। इससे पूर्व भी इसी क्षेत्र में एक गुलदार पकड़ा जा चुका है।
गत रात्रि पकड़े गए दोनों गुलदारों का वन विभाग की टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। गुलदारों के पकड़े जाने से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
त्वरित कार्रवाई से मिली सफलता
क्षेत्र के सिरसा, चोपड़ा, बिछखाली, सिमराड़ और मटेला जैसे गांवों में गुलदार का खौफ इस कदर था कि लोगों का शाम ढलते ही घरों से निकलना दूभर हो गया था। हाल ही में सिमराड़ के ग्राम प्रधान भारतेंदु पाठक की गाय को गुलदार ने अपना निवाला बनाया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने तत्काल बिछखाली में पिंजरा लगवाया, जिसमें बीती रात एक गुलदार कैद हो गया।
दीनी में आदमखोर की दहशत के बीच राहत
वहीं, धारी ब्लॉक के दीनी तल्ली क्षेत्र में भी एक अन्य गुलदार पिंजरे में फँसा है। गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में बीते 26 दिसंबर को गुलदार ने हेमा देवी नामक महिला को अपना निवाला बना लिया था, जिससे पूरे इलाके में भारी रोष और डर का माहौल था। हालांकि, 6 जनवरी को भी यहाँ एक गुलदार पकड़ा गया था, लेकिन हलचल कम न होने पर विभाग ने निगरानी जारी रखी और अब एक और सफलता मिली है।
रेस्क्यू टीम का सराहनीय प्रयास
इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट के साथ नितिन पंत, अनुभाग अधिकारी बृजेश विश्वकर्मा, भरत मासीवाल, डीडी मेलकानी और पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांगती व डॉ. तरुण गर्ग सहित करीब 60 कर्मचारियों का दल शामिल रहा।
ग्रामीणों का कहना है: “वन विभाग की इस सक्रियता से हमें बड़ी राहत मिली है। पिछले कई हफ्तों से हम डर के साये में जी रहे थे।”
हालाँकि, अधिकारी अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं कि पकड़ा गया गुलदार वही आदमखोर है जिसने महिला पर हमला किया था। क्षेत्र में अभी भी अन्य गुलदारों की सक्रियता की संभावना को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क है।

