गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई, समीर खान छह माह के लिए जिला बदर

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गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई, समीर खान छह माह के लिए जिला बदर
गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई, समीर खान छह माह के लिए जिला बदर

CNE REPORTER, नैनीताल। जनपद में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नैनीताल पुलिस ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए काठगोदाम क्षेत्र निवासी समीर खान को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। जिलाधिकारी नैनीताल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के आदेशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई। जिला बदर के आदेश के तहत संबंधित व्यक्ति को निर्धारित अवधि के लिए जनपद की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।


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पुलिस के अनुसार, समीर खान पुत्र शाहिद खान निवासी स्टेट बैंक वाली गली, नई बस्ती, थाना काठगोदाम, जनपद नैनीताल के विरुद्ध पूर्व में विभिन्न आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध दर्ज मामलों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत जिला बदर की कार्रवाई की गई।

पुलिस टीम ने जनपद की सीमा से किया बाहर

जिला बदर के आदेश के अनुपालन में प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में कोतवाली काठगोदाम पुलिस ने कार्रवाई की। उप निरीक्षक एवं मल्ला काठगोदाम चौकी प्रभारी दिलीप कुमार ने पुलिस टीम के साथ समीर खान को नियमानुसार जनपद की सीमा से बाहर कर जिला बदर की कार्रवाई पूरी की।

समीर खान के विरुद्ध दर्ज हैं पांच आपराधिक मामले

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, समीर खान के विरुद्ध थाना काठगोदाम में विभिन्न वर्षों के दौरान चोरी, चोरी की संपत्ति रखने, आपराधिक गतिविधियों तथा मादक पदार्थों से संबंधित धाराओं में पांच मामले दर्ज हैं। इनका विवरण निम्नवत है—

  • धारा 401, भारतीय दंड संहिता (वर्ष 2019): पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस धारा के तहत चोरों के ऐसे गिरोह से संबंधित अपराध का प्रावधान था, जो आदतन चोरी या लूट करने के उद्देश्य से एकत्रित रहता हो।
  • धारा 379/411, भारतीय दंड संहिता (वर्ष 2022 के दो मामले): धारा 379 चोरी के अपराध से संबंधित थी, जबकि धारा 411 चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करने या अपने पास रखने से संबंधित थी, जब व्यक्ति को उसके चोरी की संपत्ति होने का ज्ञान हो या ऐसा मानने का कारण हो।
  • धारा 8/21, स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस अधिनियम), वर्ष 2025: धारा 8 मादक एवं मन:प्रभावी पदार्थों से संबंधित प्रतिबंधित गतिविधियों को नियंत्रित करती है। धारा 21 निर्मित औषधियों तथा उनके मिश्रण से संबंधित अपराधों और दंड के प्रावधान से जुड़ी है।
  • धारा 305(ए)/317, भारतीय न्याय संहिता (वर्ष 2025): धारा 305 के खंड (ए) में आवासीय भवन, परिवहन के साधन अथवा पूजा स्थल जैसे निर्दिष्ट स्थानों में चोरी से संबंधित प्रावधान शामिल है। धारा 317 चोरी की संपत्ति तथा उससे जुड़े अपराधों से संबंधित है। इस धारा के अंतर्गत अपराध का स्वरूप संबंधित उपधारा और तथ्यों पर निर्भर करता है।

आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई

नैनीताल पुलिस द्वारा गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करना है। जिला बदर की कार्रवाई के तहत संबंधित व्यक्ति को निर्धारित छह माह की अवधि तक जनपद की सीमा से बाहर रहना होगा। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस टीम: प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह चौहान एवं उप निरीक्षक दिलीप कुमार, चौकी प्रभारी मल्ला काठगोदाम सहित कोतवाली काठगोदाम पुलिस टीम।

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