उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (5-Day Work Week) लागू करने और अपनी अन्य लंबित मांगों को लेकर आज मंगलवार को अल्मोड़ा सहित देश भर के बैंक कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में भी देखने को मिला, जिससे सामान्य बैंकिंग कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।
अल्मोड़ा के माल रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा के बाहर सुबह से ही बैंक कर्मियों का जमावड़ा शुरू हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रबंधन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अलावा निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहे।
प्रमुख मांगें और यूनियन का रुख
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव मोहम्मद यासर अंसारी ने कहा कि बैंक कर्मी लंबे समय से ‘पांच दिवसीय कार्य सप्ताह’ की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
“यदि हमारी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो यूनियन भविष्य में और अधिक उग्र आंदोलन और संघर्ष के लिए बाध्य होगी। इसके चलते होने वाली किसी भी असुविधा की संपूर्ण जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी।” – मोहम्मद यासर अंसारी, क्षेत्रीय सचिव
आम जनता पर पड़ा असर
हड़ताल के कारण अल्मोड़ा में बैंकों के शटर नहीं खुले, जिससे चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य ठप रहे। शाखाओं में काम न होने से व्यापारियों और आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आज के इस प्रदर्शन में क्षेत्रीय सचिव मोहम्मद यासर अंसारी, अर्जुन वाल्मीकि, मयंक गुप्ता, वेदिका जोशी, मुकुल चौहान, अखिलेश, दीपिका, धर्मेश कुमार, स्वीटी बिष्ट, प्रीति पांगती आदि ने मुख्य रूप से भाग लिया।

