सादे कपड़ों में तैनात रहेगी पुलिस
66 CCTV कैमरों से होगी निगरानी
CNE REPORTER, बागेश्वर: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उत्तरायणी मेले की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के ने स्पष्ट किया है कि मेले में अराजकता फैलाने वाले और महिलाओं से अभद्रता करने वाले तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो पल-पल की गतिविधि पर नजर रखेंगे। सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के ने बताया कि उत्तरायणी मेला ऐतिहासिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, राजनीतिक और धार्मिक महत्व का आयोजन है। इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा का मास्टर प्लान: 350 जवान और ड्रोन की नजर
पुलिस अधीक्षक ने पबताया कि मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है:
- भारी पुलिस बल: कुमाऊं के विभिन्न जिलों से 350 से अधिक जवान बागेश्वर पहुँच चुके हैं।
- विशेष यूनिट: आपात स्थिति से निपटने के लिए एक कंपनी PAC और SDRF की दो यूनिटों को रिजर्व में रखा गया है।
- डिजिटल निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र को ‘तीसरी आंख’ यानी 66 CCTV कैमरों से कवर किया गया है।
- नदी और पुलों पर पहरा: सरयू नदी पर बने अस्थायी पुलों पर दुर्घटना रोकने के लिए विशेष जवान तैनात किए गए हैं।
बाहरी व्यापारियों का सत्यापन अनिवार्य
मेले की शुचिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए नगर और कपकोट क्षेत्र में सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यापारी का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, मोबाइल टीमें मंडलसेरा और ताकुला रोड जैसे क्षेत्रों में निरंतर गश्त करेंगी।
यातायात और सख्त कार्रवाई
ट्रैफिक नियमों को लेकर भी पुलिस सख्त है। SP घोड़के ने चेतावनी दी है कि मेले के दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को तत्काल सीज किया जाएगा। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक अजय साह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

