बागेश्वर : राज्य स्थापना दिवस पर होगा 100 फीट ऊंचे झंडे का उद्घाटन

बागेश्वर समाचार | नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए जिलाधिकारी अनुराधा पाल की अध्यक्षता…

बागेश्वर : राज्य स्थापना दिवस पर होगा 100 फीट ऊंचे झंडे का उद्घाटन

बागेश्वर समाचार | नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए जिलाधिकारी अनुराधा पाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित हुर्इ।

बैठक में तय हुआ कि स्थापना दिवस पर सुबह सात बजे नुमार्इशखेत से प्रभातफेरी शुरू होगी। नौ बजे थाने के पास शहीद पार्क में शहीदों का श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। नगर पलिका द्वारा निर्मित 100 फीट ऊंचे झंडा का उद्घाटन भी किया जाएगा।

आठ व नौ नवंबर को जिले से लेकर पंचायत स्तर तक सभी सरकारी एवं गैर सरकारी भवनों को प्रकाशमान किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम नुमार्इशखेत में आयोजित होंगे। भव्य विकास प्रदर्शनी के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

कार्यक्रम में अपने ग्राम पंचायत में नशा उन्मूलन पर बेहतर कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वंय सहायता समूहों व विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र व मेडल दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में पेंटिंग, निबंध व वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं खेल विभाग व युवा कल्याण विभाग द्वारा फ्रेंडली वॉलीबॉल का आयोजन व विकास पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट व विधायक सुरेश गड़िया ने कहा कि उत्तराखंड राज्य हमें बड़े संघर्षों के बाद मिला है। इसे सजाना, संवारना व विकसित करना हम सब का दायित्व है। हम सभी को विकास में अपना पूर्ण योगदान देकर जनपद का सर्वागीण विकास कर अग्रणी पंक्ति में लाना है।

जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने कहा कि स्थापना दिवस से पूर्व नगर में सफार्इ अभियान चलाया जाएगा। जिसके नोडल अधिशासी अधिकारी नगर पालिका होंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपमा ह्यांकी, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीएस सौन, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गीतांजलि बंगारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कमल पंत आदि मौजूद रहे।