कुमाऊं में हिमस्खलन की आशंका वाले ट्रैकिंग रूट बंद रहेंगे : कमिश्नर दीपक रावत

हल्द्वानी | अपर मुख्य सचिव (ACS) राधा रतूड़ी ने शीत लहर के सम्बन्ध में प्रशासन की तैयारियों हेतु समीक्षा वीडियों कांफ्रेसिंग माध्यम से की। कैम्प…

हल्द्वानी | अपर मुख्य सचिव (ACS) राधा रतूड़ी ने शीत लहर के सम्बन्ध में प्रशासन की तैयारियों हेतु समीक्षा वीडियों कांफ्रेसिंग माध्यम से की। कैम्प कार्यालय से वीसी में कमिश्नर दीपक रावत ने प्रतिभाग किया।

वीसी में एसीएस रतूड़ी ने कहा कि राज्य में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शासन-प्रशासन की तैयारियां शुरू करें साथ ही ट्रैकिंग एजेंसियों व कम्पनियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था पालिसी एवं एसओपी पुख्ता करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आने वाले पर्यटकों की जानकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ अनिवार्यतः साझा करे। उन्होंने वन विभाग को सख्त हिदायत दी है कि ट्रैकिंग एजेंसियों के लिए भी एक ठोस एसओपी के साथ ही ट्रैकर्स के लिए पुख्ता सुरक्षा मापदण्ड, बीमा, प्रशिक्षित गाइड्स, स्नो इक्वपमेन्ट्स, हेल्थ सर्टिफिकेट, बेसिक मेडिसिन की तत्काल व्यवस्था को लागू किया जाए।

अपर मुख्य सचिव द्वारा लोक निर्माण विभाग को सड़कों की कनेक्टिविटी बनाए रखने, जेसीबी की व्यवस्था करने, सड़कों से पाला हटाने के लिए परम्परागत उपायों के साथ नए समाधानों पर कार्य करने के निर्देश दिए।

इस दौरान सभी जनपदों को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था एवं कम्बलों के वितरण, अस्थाई रैनबसेरो में बिजली, पानी, बिस्तर एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करने, इस सम्बन्ध में पृथक से नोडल अधिकारी नामित करने, सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईधन की जनवरी माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण करने, चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के हेतु निर्देशित किया।

कमिश्नर दीपक रावत ने वीसी में कहा कि विगत वर्ष 2021 में जनपद बागेश्वर के खाती में आपदा आने से काफी ट्रैकर फंसे थे वर्तमान में सर्दियों के सीजन में ट्रैकरों को वन विभाग की अन्तिम पोस्ट पर आवागमन प्रभावी रूप से बंद किया है। साथ ही कुमाऊं में जिन क्षेत्रों में एवलांच की सम्भावना है इस हेतु जिलाधिकारी व वन विभाग के अधिकारियों को आवागमन पूर्णरूप से बंद करने हेतु निर्देशित किया है।

उन्होंने कहा कि मण्डल में शीतलहर को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों के द्वारा खाद्य आपूर्ति, पेयजल, ईधन, चिकित्सकीय सुविधायें सुनिश्चित की जा चुकी है। कुमाऊं मण्डल के जिलाधिकारी के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।