काठगोदाम पुलिस ने कुछ घंटों में खोज निकाला
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। काठगोदाम पुलिस ने महज कुछ घंटों के भीतर 15 वर्षीय गुमशुदा किशोर को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पूछताछ और काउंसिलिंग के दौरान सामने आया कि मां की डांट-फटकार से नाराज होकर वह घर छोड़कर चला गया था और अगले दिन दिल्ली अथवा गुजरात जाने की योजना बना रहा था। इसके लिए वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने दोस्तों से आर्थिक मदद भी मांग रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉक्टर मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में काठगोदाम पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही के चलते किशोर को कुछ ही घंटों में सुरक्षित खोज लिया गया, जिससे एक संभावित अप्रिय घटना टल गई।

पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त 2026 की रात लगभग 12:30 बजे शिकायतकर्ता हरीश लाल, पुत्र स्वर्गीय राम लाल, निवासी गुसाईं चौराहा, कुमाऊं कॉलोनी, दमुवाढूंगा ने पुलिस चौकी दमुवाढूंगा में सूचना दी कि उनका 15 वर्षीय पुत्र युवराज उर्फ साहिल शाम करीब 4:30 बजे ट्यूशन जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस टीम का गठन किया और किशोर की तलाश शुरू कराई। पुलिस ने समन्वित अभियान चलाते हुए शहर और आसपास के संभावित स्थानों पर व्यापक खोजबीन की। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जबकि रेलवे स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, रोडवेज बस स्टेशन तथा अन्य संभावित स्थानों पर लगातार तलाशी अभियान चलाया गया।
पुलिस की सक्रियता रंग लाई और रविवार सुबह लगभग 10:45 बजे गुमशुदा किशोर को हल्द्वानी रोडवेज बस स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया गया।
किशोर एवं उसके परिजनों की काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि दिन में मां की डांट-फटकार से नाराज होकर वह अपने एक मित्र के घर चला गया था। उसने अगले दिन बस के माध्यम से दिल्ली अथवा गुजरात जाने की योजना बनाई थी। यात्रा के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से वह सोशल मीडिया के जरिए अपने दोस्तों से आर्थिक सहायता भी मांग रहा था। हालांकि, इससे पहले कि वह कहीं जा पाता, पुलिस टीम ने उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।
काउंसिलिंग के दौरान किशोर ने भविष्य में बिना बताए घर छोड़कर नहीं जाने का आश्वासन दिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
बरामदगी अभियान में पुलिस टीम के साथ मुख्य आरक्षी भुवन चन्द्र तथा आरक्षी टीका राम शामिल रहे।


