एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने सकुशल परिजनों को सौंपा
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। घर में किसी बात से नाराज होकर बिना बताए निकला 16 वर्षीय प्रशांत कुमार पुत्र मनोज कुमार गंगवार, निवासी ग्राम नाउमा पकड़िया, जिला पीलीभीत, उत्तर प्रदेश, काठगोदाम रेलवे स्टेशन परिसर में अकेला मिला। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की सतर्क नजर पड़ते ही पुलिस ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और परिजनों से संपर्क कर सकुशल उन्हें सौंप दिया। बेटे के वापस मिलने पर भावुक परिजनों ने नैनीताल पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता के लिए आभार जताया।








स्टेशन पर अकेला घूम रहा था , पुलिस की पड़ी नजर
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन तथा महिला सुरक्षा हेल्पलाइन की क्षेत्राधिकारी एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की नोडल अधिकारी अंजना नेगी के पर्यवेक्षण में जनपद में गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की तलाश तथा उनके पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत सोमवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट हल्द्वानी की टीम काठगोदाम रेलवे स्टेशन परिसर में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक नाबालिग बालक पर पड़ी, जो स्टेशन परिसर में संदिग्ध अवस्था में अकेला घूम रहा था।
पुलिस टीम ने बालक को रोककर संवेदनशीलता के साथ पूछताछ की। बालक ने अपना नाम प्रशांत कुमार बताया। पूछताछ में उसने बताया कि घर में किसी बात को लेकर वह नाराज था और बिना परिजनों को बताए घर से निकल आया था।
बालक की स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल उसके परिजनों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया। परिजनों को जैसे ही बेटे के सकुशल मिलने की सूचना मिली, उनकी चिंता काफी हद तक दूर हुई।
रात होने के कारण बालक की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे हल्द्वानी स्थित धरोहर बाल आश्रय गृह में सुरक्षित रखा गया।
इसके बाद बालक को बाल कल्याण समिति, हल्द्वानी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उसकी काउंसलिंग कराई गई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोर को विधिवत उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बिछड़े बेटे को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने नैनीताल पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की जमकर सराहना की।
पुलिस टीम की सतर्कता बनी किशोर की सुरक्षा की वजह
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुनीता कुंवर, प्रभारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, मुख्य आरक्षी प्रहलाद रावत, आरक्षी महेश सयाना, महिला आरक्षी रेनू अधिकारी, महिला आरक्षी जानकी भंडारी तथा आरक्षी चालक गोविन्द मेहरा शामिल रहे।
नैनीताल पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक किशोर को उसके परिवार से मिलाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर अकेले पहुंचे नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित कर एक संभावित अनहोनी को भी टालने का महत्वपूर्ण कार्य किया।


