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16 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहे अल्मोड़ा के सीधे—सरल बुजुर्ग

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डरा—धमका कर ठग लिए लगभग 82 लाख

डिजिटल अरेस्ट करने वाले दो साइबर ठगों गुजरात से उठा लाई अल्मोड़ा पुलिस

पढ़िए, डिजिटल अरेस्ट की पूरी कहानी

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। एसएसपी अल्मोड़ा (SSP Almora) के नेतृत्व में अल्मोड़ा पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) करते हुए उनसे करीब 82 लाख की ठगी करने वाले दो साइबर ठगों को गुजरात में धर दबोचा है।

उल्लेखनीय है कि दो अलग-अलग मामलों में डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्गों से लगभग 82 लाख की ठगी की गई थी। 2 आरोपियों को अल्मोड़ा और लमगड़ा टीम ने गुजरात से धर दबोचा है।

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Full story of digital arrest

पहला मामला, कोतवाली अल्मोड़ा —

दो बुजुर्ग भाई—बहनों को 16 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 75 लाख से अधिक धनराशि ठगने वाले आरोपी को मोरवी गुजरात से अल्मोड़ा पुलिस टीम दबोच लाई है। दरअसल, 15 अप्रैल को पूर्ण चन्द्र जोशी व उसकी बहन भगवती पाण्डे द्वारा तहरीर दी कि उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा वीडियो कॉल की गई।

अज्ञात फोनकर्ता ने 23 मार्च 2025 से 07 अप्रैल 2025 तक डिजिटल अरेस्ट रखते हुए कुल 75 लाख 73 हजार की ठगी की गई। जिस आधार पर कोतवाली अल्मोड़ा में धारा 318/318(4) /308(5)/61(2) बीएनएस के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था।

एसएसपी अल्मोड़ा द्वारा संबंधितों को निर्देशित कर पुलिस टीम का गठन किया गया और साइबर ठगी के गिरोह को दबोचने के लिये आवश्यक कार्यवाही शुरु की गई। एसएसपी द्वारा गठित पुलिस टीम को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जा रहे थे।

इस तरीके से किया डिजिटल अरेस्ट-

23 मार्च 2025 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा वीडियो कॉल के माध्यम से वादी पूर्ण चन्द्र जोशी व उसकी बहन भगवती से बातचीत की गई। फोनकर्ता ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। कहा कि बुजुर्ग की आईडी बच्चों के अपहरण वाले गिरोह से लगी है तथा उनकी भूमिका संदिग्ध होने पर उन्हें गिरफ्तार किया जायेगा।

साइबर ठग ने बुजुर्गों के खातों जांच करने तथा उनके खाते जमा धनराशि को उनके द्वारा बताये गये खातों में भेजने व इस अवधि में किसी से बात न करने के संबंध धमकी दी गई। जांच पूरी होने के बाद सही पाये जाने पर उनकी धनराशि को वापस लौटाने की बात कहकर उन्हे 23 मार्च से 7 अप्रैल 2025 तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 8 बार विभिन्न तिथियों में कुल 75 लाख 73 हजार की धनराशि ठगों द्वारा अपने खातों मंगवायी गई।

वादी पूर्ण चन्द्र व भगवती पाण्डे द्वारा अपने खातों जिन बैकों मे धनराशि भेजी गयी थी। विवेचक एसएसआई अजेन्द्र प्रसाद द्वारा जांचकर आवश्यक जानकारी जुटाई गई। जिसके पश्चात पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस की मदद से अथक प्रयास करते हुए 9 मई 2025 को एक आरोपी जुनेजा दिलावर को लगभग 1400 किमी दूर मोरवी राजकोट गुजरात से गिरफ्तार किया गया।

इस गिरोह के अन्य संलिप्तों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर ठगी गिरोह की चेन का पता लगाकर गिरफ्तार करने के प्रयास जारी है। गिरफ्तार आरोपी जुनेजा दिलावर पुत्र मोहम्मद भाई महेन्द्र परा 14 मोरवी जिला मोरवी राजकोट गुजरात का निवासी है। पुलिस टीम में कोतवाली अल्मोड़ा से एसआई धरम सिंह, कांस्टेबल परवेज अली व साइबर टीम शामिल थी।

दूसरा मामला, थाना लमगड़ा-

एक बुजुर्ग को 5 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 7 लाख से अधिक धनराशि ठगने वाले अभियुक्त को जामनगर गुजरात से लमगड़ा पुलिस दबोच लाई।

यह था मामला-

21 फरवरी 2025 को लमगड़ा क्षेत्र निवासी जीवन सिंह मेहता निवासी बर्गला लमगड़ा द्वारा तहरीर दी गई कि अज्ञात अभियुक्तों द्वारा दिनांक 13 जनवरी 2025 से 17 जनवरी तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में संलिप्त होने का डर दिखाकर 7 लाख 20 हजार रुपये हड़प लिये है। जिस आधार पर थाना लमगड़ा में अभियोग पंजीकृत किया गया।

21 अप्रैल को बुजुर्ग व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह के 02 आरोपियों को खरगौन मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। जिनसे पूछताछ में उनके द्वारा गिरोह में सम्मिलित होकर उक्त प्रकार के अपराधों में लिप्त होना व गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी दी गई थी। इसी क्रम में उक्त गिरोह के अन्य अभियुक्त मंडलिया निशित को 08 मई 2025 को लगभग 1600 किमी दूर जामनगर गुजरात से गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

आरोपी मंडलिया निशित द्वारा पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों को अपने गिरोह मे शामिल कर उनको बैंक खातों की व्यवस्था करने व ठगी के रुपये खातों आहरण करने के लिये कहा गया था। अन्य संलिप्तों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

ऐसे किया था डिजिटल अरेस्ट –

13 जनवरी को लमगड़ा क्षेत्र निवासी बुजुर्ग को एक अज्ञात विडियो कॉल आती है और सीबीआई ऑफिसर बनकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस के खाते में उनका आधार पैन कार्ड लगा होने और संलिप्ता का डर दिखाकर बताया कि आपको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है।

बुजुर्ग को डरा—धमकाकर कहा गया कि आप लगातार विडियों कॉल पर जुड़े रहोगे और इसके बारे किसी परिवार या अन्य को नहीं बताओगे। आपका एकाउंट वैरिफाई करना है। आप कुछ पैसा जो खाते हम बताते है उनमे डालें। आपका वैरिफिकेशन किया जा रहा है,जो आपको बाद में वापस हो जायेगा।

आप हमारे साथ कॉपरेट करें अन्यथा आपको गिरफ्तार किया जायेगा या एनकाउंटर भी हो सकता है। यह बहुत बड़ा मामला है। ऐसे धमकाया तो बुजुर्ग द्वारा तीन किस्तों में 7.20 लाख रुपये साइबर ठगों द्वारा बताये गये खातों में भेजे गये। जब बुजुर्ग द्वारा और अधिक रुपये न होने पर असमर्थता जतायी तो साइबर ठगों ने कहा कि कोई बात नही हम जांच कर रहे है, फिर आपके पैसे वापस आ जायेंगे।

जब काफी दिनों बाद पैसे वापस नहीं आये और उनके सम्पर्क नंबर ऑफ आ रहे थे,लगभग 1 माह बाद 21 फरवरी 2025 को वादी जीवन सिंह मेहता द्वारा लमगड़ा थाने पर तहरीर दी गई थी। जिस पर थाना लमगड़ा में तत्काल धारा 318(4)/61(2) BNS के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

गिरफ्तार आरोपी डलिया निशित पुत्र जयेश भाई निवासी मंगलम 1 ब्लॉक 1 न्यू आरम कॉलोनी मास्टर सोसाईटी गली नंबंर 1 सरुसैक्शन रोड खोडियार कॉलोनी थाना सी डिविजन जिला जामनगर गुजरात का रहने वाला है। पुलिस टीम चौकी प्रभारी जैंती एसआई दिनेश परिहार, कांस्टेबल हेमचन्द्र तथा साइबर टीम अल्मोड़ा शामिल रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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