👉 डीएम अंशुल सिंह ने उठाया प्रभावी कदम, रेफरल मॉनिटरिंग कमेटी बनी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जिले के अस्पतालों से बेवजह मरीजों को रेफर करने की शिकायतों पर विराम लगने की उम्मीद जगी है। नवागत डीएम अंशुल सिंह ने अस्पतालों से रेफरल मामलों की निगरानी के लिए रेफरल मॉनिटरिंग समिति गठित कर दी है। यह समिति हर माह रेफरल प्रकरणों की समीक्षा करेगी। अब बिना ठोस कारण किसी मरीज को रेफर नहीं किया जा सकेगा।
विभिन्न माध्यमों से रेफरल केसों के संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने प्रभावी कदम उठाया है। जिला चिकित्सालय व मेडिकल कालेज समेत जिले के उप जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से बिना किसी ठोस कारण एवं चिकित्सालय में उपलब्ध व्यवस्था एवं विकल्प पर विचार किये बिना साधारण मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर नहीं किया जाएगा, इसकी निगरानी के लिए जिलाधिकारी ने रेफरल मॉनिटरिंग समिति का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद अंतर्गत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रेफरल प्रकरणों के कारणों की समय-समय पर समीक्षा होगी। जिला स्तर पर रेफरल निगरानी समिति गठित की गयी है। कमेटी में जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव बनाया गया है जबकि राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोड़ा के प्राचार्य, जिला अस्पताल अल्मोड़ा, नागरिक चिकित्सालय रानीखेत के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक तथा सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कमेटी में सदस्य नामित किया गया है।
डीएम ने बताया कि गठित समिति विभिन्न चिकित्सालयों से रेफरल प्रकरणों की प्रत्येक माह के द्वितीय बुधवार को मध्यान्ह 12 बजे से समीक्षा करेगी। इस दिवस को अवकाश होने की स्थिति में इसके दूसरे दिन यह समीक्षा की जायेगी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जनपद के समस्त चिकित्सालयों से रेफरल से सम्बन्धित समस्त सूचनाएं यथा मरीज का नाम, पूर्ण पता, मोबाइल नम्बर सहित मरीज के साथ आए परिजन का पूर्ण नाम व पता, मोबाइल नम्बर और बीमारी का विवरण चिकित्सालय में उपचार के लिए आने का समय, उपचार करने वाले चिकित्सक का नाम, चिकित्सालय में उपलब्ध कराये गए उपचार का विवरण, रेफर करने का कारण आदि का पूर्ण विवरण एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं संकलित किये जाएं और हर माह के द्वितीय सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं।

