HomeUttarakhandAlmoraहाईवे चौड़ीकरण पर भड़के स्थानीय निवासी, आशियाने उजड़ने का डर

हाईवे चौड़ीकरण पर भड़के स्थानीय निवासी, आशियाने उजड़ने का डर

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। बसे—बसाए आशियाने उजड़ने का डर क्या होता है, यह उन्हीं लोगों को पता है, जिनके भवन सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। ग्राम शैल से लेकर पांडेय खोला तक के निवासियों ने उनके घरों के चिन्हीकरण पर आपत्ति दर्ज की है।

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उल्लेखनीय है राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के खिलाफ निवासियों ने आज केंद्रीय परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सुरेश भट्ट (जिला संगठन मंत्री), कैलाश शर्मा (पूर्व विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा) और महेश नयाल (जिला अध्यक्ष) के माध्यम से दिया गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के कार्य के तहत स्थानीय लोगों के घरों को चिह्नित किया जा रहा है, जो कि गलत प्रक्रिया के तहत हो रहा है। इस स्थिति से स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, उनके घरों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में नेशनल हाईवे के कर्मचारियों द्वारा चिह्नांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें उनके घरों को भी निशाना बनाया जा रहा है। यह कार्य बिना उचित जानकारी और मानकों के हो रहा है, जिससे लोगों को अपने आशियाने उजड़ने का डर सता रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान दिया जाए और प्रभावित परिवारों को उचित समाधान उपलब्ध कराया जाए।

सांसद अजय टम्टा के आश्वासन का उल्लेख

कहा कि केंद्रीय राज्य परिवहन मंत्री बनने के बाद सांसद अजय टम्टा ने पहाड़ों में सड़क चौड़ीकरण को लेकर नियमों में संशोधन करने की बात कही थी, ताकि स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जनता को अभी भी असुविधा और अनिश्चितता झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासनों के बावजूद प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।

ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और उनके घरों को संरक्षित रखने का उचित समाधान निकालें। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगीभर की पूंजी लगाकर अपने घर बनाए हैं, और यदि उन्हें तोड़ा जाता है, तो वे बेघर हो जाएंगे। इसीलिए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और कोई उचित वैकल्पिक समाधान निकालना चाहिए।

ज्ञापन को सौंपने वालों में कपिल मल्होत्रा (पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य), हरेंद्र शैली (ग्राम पंचायत प्रशासक, शैल), पार्षद अमित साह, पार्षद ज्योति साह, पार्षद अर्जुन सिंह बिष्ट, मुन्नी तिवारी, कमल तिवारी, विनोद जोशी, अनिल शैली (पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य), देवेंद्र गोनी और नंदन सिंह मेहता समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।

 

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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