नवजात शिशु सुरक्षा प्रशिक्षण
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। शिशु मृत्यु दर को कम करने और नवजात शिशुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अल्मोड़ा में एक दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), अल्मोड़ा के सहयोग से, शोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (Soban Singh Jeena Government Institute of Medical Sciences and Research) अल्मोड़ा के बाल रोग विभाग ने यह ‘नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम’ आयोजित किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में जनपद भर के 30 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं ने भाग लिया। इनमें चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग अधिकारी और बेसिक हेल्थ वर्कर शामिल थे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर नवजात शिशुओं के उपचार और देखभाल की गुणवत्ता को भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप बेहतर बनाना था।
बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को नवजात शिशु के जटिल उपचार और प्रबंधन के संबंध में गहन सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण से ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों की दक्षता बढ़ेगी, जिससे शिशु स्वास्थ्य परिणामों में सुधार आएगा।
विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण ‘गुर’
कार्यशाला में डॉ. गौरव पांडे और डॉ. हर्ष गुप्ता ने प्रशिक्षण दिया, जिन्होंने नवजात शिशु की देखभाल के विभिन्न पहलुओं को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया। अल्मोड़ा के प्रत्येक विकासखंड से स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के समापन पर, सभी सफल प्रतिभागियों को प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा, डॉ. चंद्र प्रकाश भैंसोड़ा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र तिवारी और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में बाल रोग विभाग के रेजिडेंट चिकित्सक (डॉ. शुभम, डॉ. गौरव, डॉ. पीयूष), नर्सिंग अधिकारी पूजा, हेल्थ एजुकेटर प्रियंका बहुगुणा, समाज कल्याण अधिकारी अतुल कांत, संदीप और मनोज मेहरा आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

