स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद के समस्त विकास खण्डों में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इस अभियान के पहले दो दिनों में अल्मोड़ा में 250 स्क्रीनिंग कैंप और 1 स्पेशियलिटी कैंप आयोजित किए गए, जिनमें कुल 4663 लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
मुख्य चिकितसाधिकारी अल्मोड़ा ने बताया कि इन शिविरों में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांचें की जा रही हैं। गत दिनों निम्न जांच हुई —
- हाइपरटेंशन: 2825 लोगों की जांच।
- डायबिटीज: 2725 लोगों की जांच।
- कैंसर स्क्रीनिंग: 449 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर और 1152 महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर की जांच की गई। इसके अलावा, 1879 लोगों की ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग भी हुई।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: 421 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई और 106 बच्चों को वैक्सीन लगाई गई।
- किशोरियों का स्वास्थ्य: 1157 किशोरियों की स्क्रीनिंग की गई और उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया।
- अन्य जांचें: 482 लोगों में खून की कमी की जांच हुई, 1198 लोगों की टीबी की जांच की गई, और 1600 लोगों की काउंसलिंग हुई।
आयुष्मान कार्ड, रक्तदान और विकलांग प्रमाण पत्र
अभियान के दौरान 362 आयुष्मान कार्ड बनाए गए और 430 लोगों ने रक्तदाता के रूप में पंजीकरण कराया, जिसमें 11 यूनिट रक्त जमा किया गया। इसके अतिरिक्त, 105 विकलांग प्रमाण पत्र भी बनाए गए। अभियान के तहत 42 “निश्चय मित्र” भी बनाए गए।
आगामी शिविरों का कार्यक्रम
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र तिवारी ने बताया कि शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी शिविरों का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- 23 सितंबर: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हवालबाग
- 24 सितंबर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, देवायल सल्ट
- 26 सितंबर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, देघाट और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, धौलछीना
- 27 सितंबर: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ताकुला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भिक्यासैंन
- 29 सितंबर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौखुटिया
- 1 अक्टूबर: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ताड़ीखेत और लमगड़ा
इन शिविरों में मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार, महिलाओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग, रक्तदान शिविर, टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, संचारी और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, और डेंगू/मलेरिया/चिकनगुनिया से बचाव हेतु जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके साथ ही 0-5 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण की विशेष सुविधा भी उपलब्ध होगी।

