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वैज्ञानिक उपलब्धि: कृषि उत्पादों और खाद्य पदार्थों को सुखाने में झंझट खत्म; कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा ने ईजाद की ”वीएल सोलर ड्रायर”, जानिये क्या है ये ड्रायर!

चन्दन नेगी, अल्मोड़ा
कभी धूप नहीं, कभी धूप होने पर समय नहीं, तो कभी बंदरों व पक्षियों से क्षति का खतरा। ऐसे में कृषि उत्पादों व खाद्य पदार्थों को धूप में सुखाने में लोगों, खासकर किसानों को बड़ी मुश्किल उठानी पड़ती है। अब ​विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा ने इस समस्या का हल निकाल लिया है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने ”वीएल सोलर ड्रायर” नामक यंत्र का विकसित कर लिया है और इसका निर्माण करने के लिए मैसर्स हिमालयन हाइटेक नर्सरीज सुभाषनगर हल्द्वानी (नैनीताल) के साथ समझौता कर लिया है। इस यंत्र से आप आसानी से कृषि उत्पादों और खाद्य पदार्थों को धूप में सुखा सकते हैं। सुखाने को रखे पदार्थों का पहरा भी नहीं करना पड़ेगा और दो—तीन दिन में ही सुखाने का काम पूरा।
विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान ने वीएल सोलर ड्रायर तैयार कर लिया है। अब इसके निर्माण के लिए मैसर्स हिमालयन हाइटेक नर्सरीज, सुभाषनगर, हल्द्वानी (नैनीताल) के साथ करार भी कर लिया है। यहां उल्लेखनीय है कि पर्वतीय क्षेत्रों में विभिन्न कृषि उत्पाद तथा खाद्य पदार्थों को अक्सर खुले में पुरानी परंपरागत विधियों से सुखाया जाता है। ऐसे में पक्षियों, कीटों, बंदरों व अचानक वर्षा होने से पदार्थों को नुकसान होता है। इसी समस्या के समाधान के लिए विवेकानंद पर्वततीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा ने वी.एल. सोलर ड्रायर नामक यंत्र विकसित किया है।
जानिये क्या है ये यंत्र:— सोलर ड्रायर एक ऐसी प्रणाली है, जो सौर ऊर्जा के उपयोग से विशेष रूप से खाद्य पदार्थों को सुखाती है। अच्छी बात ये है कि इसमें बिजली को कोई खर्चा नहीं है।
यह सोलर ड्रायर पॉली कार्बोनेट सीट का बना होता है, जो आसानी से नहीं टूटता। सोलर ड्रायर के ऊपरी हिस्से पर सोलर चालित निकास पंखा लगा होता है। सोलर ड्रायर में पहिये लगे होते हैं, जिससे इसे आसानी से इधर से उधर ले जाया जा सकता है। सोलर ड्रायर में तीन ट्रे होते हैं। एक ट्रे की क्षमता 5 से 20 किलो तक होती है।
सोलर ड्रायर का उपयोग व लाभ:— इसका उपयोग कृषि सामग्री, कृषि उत्पाद, खाद्यों एवं गीले खाद्य प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री (बड़िया, अनाज, मशरूम, मेथी की पत्तियां) आदि सुखाने के लिए किया जाता है। यह ड्रायर पर्वतीय, सीमांत क्षेत्रों के गरीब काश्तकारों के लिए बहुत उपयोग है, जो हाइटेक एवं महंगे उपकरण नहीं ले सकते। इससे सुखाए उत्पादों को किसान बेमौसम में अच्छी कीमत पर बेच सकते हैं। किसानों के ही नहीं घरेलू उपयोग के लिए भी यह उत्तम है। सुखाने की पारं​परिक विधियों की तुलना में ड्रायर से सिर्फ दो—तीन दिन में खाद्य सामग्रियां सूख जाती हैं। जबकि पारंपरिक ​विधि से करीब एक हफ्ता लग जाता है। ड्रायर में खाद्य पदार्थों के स्वाद, रंग, महक, पौष्टिकता कायम रहती है। इसके रखरखाव व संचालन का खर्चा भी नहीं के बराबर है। एक सोलर ड्रायर की कीमत बिना पैकिंग 12,250 रुपये और पैकिंग के साथ 12,750 रुपये है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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