प्रकृति ने ऊंची चोटियों में बिछाई सफेद चादर

⏭️ अल्मोड़ा व बागेश्वर जिलों में बारिश व बर्फबारी ⏭️ पारा गिरा, शीतलहर की चपेट में जनमानस सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा/बागेश्वर: अल्मोड़ा व बागेश्वर जिलों में…

प्रकृति ने ऊंची चोटियों में बिछाई सफेद चादर

⏭️ अल्मोड़ा व बागेश्वर जिलों में बारिश व बर्फबारी
⏭️ पारा गिरा, शीतलहर की चपेट में जनमानस

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा/बागेश्वर: अल्मोड़ा व बागेश्वर जिलों में मौसम के मिजाज ठीक नहीं हैं। रविवार रात व सोमवार को इन जिलों के ऊंची पहाड़ियों में जमकर बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही रुक—रुक कर बारिश का सिलसिला चल रहा है। इससे पारा गिर गया है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अंगीठी, अलाव व उष्मीय उपकरणों के सहारे हैं।

अल्मोड़ा: रविवार रात व सोमवार को जिले में बारिश का सिलसिला है। रात तेज गर्जना के साथ बारिश हुई। तब से रुक—रुक कर बारिश का क्रम चलता रहा, हालांकि दिन में हल्की धूप भी खिली, मगर धूप, छांव व बारिश का क्रम दिनभर चलता रहा। जिले की ऊंची चोटियों में बर्फ गिरी है। जिले के उंची चोटी एवं आध्यात्मिक चोटी पांडवखोली में जमकर बर्फ गिरी है। पूरा मंदिर व धर्मशाला समेत पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया है।

बागेश्वर: जिले में बारिश व ऊंची चोटियों में बर्फबारी का क्रम जारी है। इससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। सोमवार सुबह 10 बजे बाद धूप निकली। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन देर शाम फिर आसमान बादलों से घिर गया। कृषकों ने इस बारिश व बर्फबारी को रबी की फसल के लिए बेहतर बताया।

रविवार देर शाम से जिले में एकाएक बारिश शुरू हुई जो सुबह छह बजे तक रही। इस दौरान कपकोट के धूर, कर्मी, उगिंया, किलपारा, तीख, डौला, मिकिला खलपट्टा, सोराग, खाती आदि गांवों में बर्फबारी हुई। बर्फबारी के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। लोग जानवरों के चारा पत्ती तक नहीं काट पाए। दस बजे बाद मौसम ने राहत दी। इसके बाद धूप निकल आई। धूप निकलते ही लोगों ने अपने दिनचर्या पटरी पर लाने का प्रयाय किया। चार बजे बाद जिला मुख्यालय समेत क्षेत्र में एक बार फिर आसमान बादलों से घिर गया, हालांकि बारिश नहीं हुई। किसानों ने बारिश व बर्फबारी को रबी की फसल के साथ फल उत्पादन व सब्जी उत्पादन के लिए बेहतर बताया।