अंबानी से चंदा लेने के आरोप झूठे ! मानहानि का केस करेंगे भगत सिंह कोश्यारी

सोशल मीडिया में फैलायी जा रही भ्रामक बातें Allegation On Bhagat Singh Koshyari : उत्तराखंड के पूर्व सीएम व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह…

अंबानी से चंदा लेने के आरोप झूठे ! मानहानि का केस करेंगे भगत सिंह कोश्यारी

सोशल मीडिया में फैलायी जा रही भ्रामक बातें

Allegation On Bhagat Singh Koshyari : उत्तराखंड के पूर्व सीएम व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अंबानी से ₹15 करोड़ चंदा लेने के आरोपों को नकारा दियाा है। उन्होंने इस तरह की भ्रामक बातें फैलाने वालों पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों चुनाव के दौरान सोशल मीडिया में एक खबर शेयर की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस तरह के भ्रामक समाचार को शेयर करने वालों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल रहते हुए भगत सिंह कोश्यारी की संस्था को कितना चंदा मिला, यह बात महाराष्ट्र के RTI activist अनिल गलगली ने महाराष्ट्र राजभवन से पूछी थी। तब राजभवन ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस दौरान अनिल गलगली को एक गुमनाम पत्र मिला। जिसमें यह दावा किया गया है कि महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्यपाल रहते उत्तराखंड में स्थित अपने एक शैक्षणिक संस्थान के लिए व्यवसायी अनंत अंबानी से 15 करोड़ रुपये का दान लिया था। इसके बाद अनिल गलगली ने यह गुमनाम पत्र महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा और मामले की जांच की मांग की।

अनिल गलगली का कहना है क राज्यपाल के पद पर बैठे भगत सिंह कोश्यारी ने अपने पद का दुरुपयोग किया और उत्तराखंड में एक स्कूल के नाम पर बहुत सारी संपत्ति जमा की। उन्होंने उन स्कूलों के लिए भारी दान एकत्र किया, जहां 100 बच्चे भी पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। इस पैसे से दीपेंद्र सिंह कोश्यारी, जो तत्कालीन राज्यपाल कोश्यारी के भतीजे हैं, ने स्कूल के आसपास बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी और उस जगह पर एक रिजॉर्ट खोला। इसके लिए उद्योगपति अनंत अंबानी से 15 करोड़ रुपये लिए गए थे।

बेबुनियादी आरोप लगाने वालों के खिलाफ अदालत जायेंगे कोश्याारी

इधर भगत सिंह कोश्यारी ने गलगली के आरोपों को खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह समाज के लिए काम कर रहे हैं। भ्रामक खब फैलाने वाले मीडिया और आरटीआई कार्यकर्ता दोनों के खिलाफ अदालत जायेंगे। मानहानि का मामला दायर करेंगे। इस तरह के आरोप लगाने वालां को ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे।

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