सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित जिला पंचायत के नौ सदस्यों को जहां पूर्व सीएम हरीश रावत ने इंटरनेट मीडिया के जरिए समर्थन दिया है। वहीं मंगलवार को आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे। इसके अलावा आंदोलित सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष की बुद्धि—शुद्धि को हवन यज्ञ किया। एसडीएम योगेंद्र सिंह ने भी सदस्यों से वार्ता की जो विफल रही।
बजट आवंटन में अनियमितता समेत विभिन्न मांगों को लेकर जिला पंचायत के नौ सदस्य पिछले 13 दिन से आंदोलन की राह पर हैं। मंगलवार को आंदोलित सदस्यों ने जिपं अध्यक्ष की शुद्धि-बुद्धि के लिए हवन किया। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि नियोजित समिति समेत छह समितयां असंवैधानिक तरीके से चलाई जा रही है। अपराह्न 12 बजे आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को समर्थन दिया और आधे घंटे तक धरने में भी बैठे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनना तानाशाही का परिचय है। इससे विकास भी रुकेगा और समाज में गलत नीति को बढ़ावा मिलेगा। इस तरह की हठधर्मिता छोड़ अध्यक्ष को वार्ता करनी चाहिए और समस्या का समाधान ढूंढना चाहिए। आंदोलित सदस्य हरीश ऐठानी ने बताया कि उन्हें पूर्व सीएम हरीश रावत का भी समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण भी आंदोलन स्थल पर डटे रहे। इस दौरान एसडीएम सिंह आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे सदस्यों से वार्ता की, लेकिन वार्ता विफल रही। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार, गोपा धपोला, पूजा आर्या, सुरेंद्र खेतवाल, इन्दिरा परिहार,रूपा कोरंगा, रेखा देवी आदि मौजूद थे।


