सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण मजदूर संघ ने सोमवार को नुमाइशखेत मैदान में धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पंजीकृत श्रमिकों को आर्थिक देय, हितलाभ से वंचित करने का आरोप सरकार पर लगाया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
गरुड़, कपकोट, कांडा, दुग नाकुरी, काफलीगैर आदि तहसीलों से बड़ी मात्रा में मजदूर नुमाइशखेत मैदान में एकत्र हुए। उन्होंने नारेबाजी के साथ धरना दिया। कहा कि 2017-18 में श्रमिकों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। लेकिन अभी तक उनके देय हितलाभ की धनराशि नहीं मिल सकी है। टूल किट, सिलाई मशीन, छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा, विवाह लाभ, मृत्यु लाभ, प्रसव लाथ, अंत्येष्टि, पेंशन, पारिवारिक पेंशन समेत तमाम लाभ से वह वंचित हैं।
सनिर्माण श्रमिकों का पंजीकरण का नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। जिससे उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने राज्य में श्रम कार्यालय खोलने की मांग की। उत्तराखंड भवन एवं सन्निमार्ण कर्मकार बोर्ड का कार्यालय हल्द्वानी लाने और मजदूर संघ का एक प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर 22 जुलाई को जिला मुख्यालय पर विशाल जुलूस निकाला जाएगा। इतना ही नहीं नुमाइशखेत मैदान में क्रमिक अनशन पर भी बैठेंगे। इस दौरान गणेश बोरा, शिवचरण सिंह, विशन दत्त भट्ट, विमला देवी, कमला देवी, जशोदा देवी, गीता देवी, पार्वती देवी, सरस्वती देवी, मंगला देवी, आनंदी देवी, प्रेमा देवी, कलावती देवी, जानकी देवी, माधवी देवी आदि मौजूद थे।


