सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
जायका के माध्यम से किसान सुविधा ले सकते हैं। यहां तक कि कृषि उत्पादों के विपणन की व्यवस्था की इसके माध्यम से की जा सकती है। यह बात जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जायका की बैठक में कही। उन्होंने जायका से जुड़े विभागों में समन्वय स्थापित करने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में समन्वय समिति गठित् करने के निर्देश दिए।
उत्तराखण्ड वन संसाधन परियोजना जिला परामर्शदात्री समिति (जायका) की यहां कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में हुई एक बैठक ग्रामीण क्षेत्र की आजीविका को स्वालम्बी बनाने के लिए वनों का संरक्षण अति आवश्यक बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जायका का लक्ष्य वन क्षेत्र के समीप ग्रामीणों को उनकी आजीविका के अवसर प्रदान करना है। ग्रामीण क्षेत्रों की आजीविका बढ़ाने के लिए उद्यान, कृषि व वन विभाग आपसी सामंजस्य से बेहतर भूमिका निभा सकते हैं। डीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित फलों व सब्जियों के विपणन की व्यवस्था भी जायका के माध्यम से की जायेगी, ताकि ग्रामीण काश्तकारों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि काश्तकारों को कृषि उत्पादों के विपणन में किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो वे आजीविका के माध्यम से भी अपने उत्पादों का विपणन कर सकते हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि वन पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए वन पंचायतों में फलदार पौधों यथा तेजपत्ता, आंवला, अखरोट, बड़ी इलायची आदि के पौधों का वृक्षारोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जायका के अन्य विभागों में समन्वय स्थापित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक समन्वय समिति गठित की जाए, ताकि जायका के क्रियाकलापों को गति दी जा सके। बैंक संबंधी समस्या भी समन्वय समिति के माध्यम से हल की जा सकती है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम आरसी काण्डपाल, प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव, प्रभागीय वनाधिकारी भूमि संरक्षण वन प्रभाग रानीखेत यूसी तिवारी, मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पाण्डेय, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, वन क्षेत्राधिकारी मनोज लोहनी, दिवाकर प्रसाद जोशी, विपणन विशेषज्ञ इन्दर सिहं बिष्ट, मीनाक्षी शैलेजा, संरपच दीवान सिंह, पुष्कर तिवारी, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका श्याम सुन्दर प्रसाद सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर पाॅवर पांइट के माध्यम से कोसी वन क्षेत्र, गणनाथ वनक्षेत्र, जागेश्वर वन क्षेत्र के अलावा भूमि संरक्षण वन प्रभाग रानीखेत के कार्यों का प्रदर्शन किया गया।
ALMORA NEWS: जायका के जरिये किसान पा सकते हैं आजीविका के अवसर, विपणन की व्यवस्था भी होगी, डीएम ने ली
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