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चमोली। जोशीमठ आपदा के 11 दिन बाद भी अभी 143 लापता लोगों के परिजन अपने के चेहरे देखने की आस में बैठे हैं। अब तक 61 शवों को अलग अलग जगहों से मलबे के भीतर से निकाला जा चुका है। जिनमें से 34 की शिनाख्त हो चुकी है और 27 की पहचान नहीं हो सकी है। इस आपदा ने जुवा ग्वाड़ और पैंग गांव में 184 पशुओं को भी लील लिया था। इनमें से जुवा ग्वाड़ गांव के 180 छोटे पशु थे जब कि 4 पैंग गांव के बड़े पशु। आपदा में भ्ंयूगल गांव के 60, रैणी चक सुभाई गांव के 55, जुवाग्वाड़ गांव के 13,जुगजू के 14, रैणी चक लाता के 40, पैंग मुरंडा के 35, लाता के 100, गहर के 15, तोरमा—सुराई थोटा के 40, भलगांव के 33, पगरासू के 35, लौंसेगड़ी के 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। सुरगों में फंसे लगभग 35 लोगों में से 13 शवों को अभी तक निकाला जा चुका है।
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