क्राइम ब्रेकिंगससुराल जाने का था प्लान, पहुंच गए जेल! 2 सगे भाई और 1.85 करोड़ की स्मैक का पूरा सच...
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पूरा वीडियो यहाँ देखें (30 Sec)देहरादून। आम आदमी पार्टी के नेता रवीन्द्र जुगरान ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन व उत्तराखंड क्रिकेट टीम के कोच वसीम जाफर द्वारा एक दूसरे पर लगाये जा रहे आरोपों को बहुत ही गंभीर बताया, उन्होंने कहा की इस विवाद से साफ हो गया है की उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है जरूर दाल काली है इसलिए बीसीसीआई को इसकी जांच करनी चाहिए। जुगरान ने कहा की उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के गठन के उपरांत उत्तराखंड में क्रिकेट के विकास, आधार भूत ढांचे के निर्माण, क्रिकेट के उन्नयन, खेल प्रतिभाओं को अवसर देने और आगे बढ़ाने के लिए अब तक बीसीसीआई द्वारा जो करोड़ों रुपए की राशि दी गयी है उस पर उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को श्वेत पत्र जारी करना होगा। अब तक कुल कितनी राशि मिली और वो कब और कहां प्रदेश में किन मदों में व्यय की गई है? उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन खिलाड़ीयों के चयन में उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू डोमोसाइल नीति लागू कर रहा है या नहीं? गैस्ट प्लेयर के चयन में भी दाल में काला है इसमें जिन खिलाड़ियों का चयन किया गया वो अधिकांश रिटायर होने के कागार पर उनकी परफॉर्मेंस का मूल्यांकन जरूरी। अन्य प्रदेशों से गेस्ट प्लेयर लेना कोई बाध्यता नहीं तो फिर उत्तराखंड से ही गेस्ट प्लेयर लिए जायें। या फिर अन्य राज्यों से उत्तराखंड मूल के खिलाड़ीयों को ही गेस्ट प्लेयर के रूप में लिया जाये। गाहे-बगाहे राज्य क्रिकेट टीम के चयन में प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन न करने की बात भी आ रही हैं उनके स्थान पर सिफारिशी खिलाड़ी लिये जा रहे हैं जिनपर मोटी रकम लेकर चयन करने के भी आरोप लगते रहे हैं। जुगरान ने कहा की सरकार की जांच कछुआ गति से चलती है- क्योंकि उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच डेढ़ दशक से चल रही है जो आज तक भी पूरी नहीं हुयी?


