सीएनई संवाददाता, अल्मोड़ा
30 अगस्त, 2020
विविध संस्कारों के लिए जरूरी गौमूत्र और खेतों के लिए गोबर की खाद निकटवर्ती गौसदन गुरूकुल ज्योली से प्राप्त की जा सकती है। यह सुविधा देने का निर्णय गौ सेवा ट्रस्ट ने लिया है। ट्रस्ट की रविवार को यहां हुई वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया और लोगों से गौ सेवा सदन ज्योली और गौ सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया गया।
गौ सेवा न्यास के अध्यक्ष विपिन चन्द्र जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक मंे आम लोगों से अपील की गई कि आगामी पितृ पक्ष में श्राद्ध में गौशाला में ही गायों को ग्रास दें। उनका कहना था कि सड़कों, मार्गों व सार्वजनिक स्थानों पर फिजूल खाद्य पदार्थ एवं गौग्रास रखने से कटखने बंदरों का जमावड़ा लगता है या इसके लालच में आवारा पशु मोहल्लों व बाजारों में घुसते हैं। बैठक का संचालन करते हुए गोशाला न्यास के संस्थापक सचिव दयाकृष्ण काण्डपाल ने कहा कि जब गायें दूध देना बंद कर देती हैं, तो लोग उनका त्याग कर देते हैं या घरों से दिन-रात उन्हें छोड़े रखते हैं। चारा देने से कतराते हैं, ऐसे में ये गायें यत्र-तत्र भटक कर अपना निवाला तलाशते रहती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी बची रोटियां या अन्य खाद्य पदार्थ कूड़ेदानों में नहीं डालें बल्कि गौशाला में दें। बैठक में वरिष्ठ सदस्य पूरन चन्द्र तिवारी ने बताया कि गोशाला में गोदान की सुविधा भी उपलब्ध है। इस वर्चुअल बैठक में किशन गुरुरानी, कर्मचारी नेता चन्द्रमणि भट्ट, डे केयर सेन्टर के अध्यक्ष हेम जोशी, मनोज सनवाल, भुवन तिवारी, न्यास के उपाध्यक्ष बद्री बिशाल अग्रवाल व पान सिंह आदि ने विचार रखते हुए गौसेवा और गौशाला के विकास के लिए आगे आने का आह्वान लोगों से किया।
गौ सेवा: गौमूत्र और गोबर की खाद चाहिए, तो आईये ज्योली
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