╰┈➤ ऐतिहासिक मल्ला महल में व्यापक चहलपहल, साथ में सरस मेला लगा
╰┈➤ कुमायूं आयुक्त दीपक रावत ने फीता काटा और दीप प्रज्वलित किया
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: यहां ऐतिहासिक मल्ला महल परिसर में गोलू महोत्सव के बाद चकाचौंध का वातावरण है, जहां एक दिन पूर्व गोलू महोत्सव का समापन हुआ, तो आज से ‘अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल’ और ‘जनपद स्तरीय आजीविका सरस मेले’ का आगाज हो गया। शैक्षिक व सांस्कृतिक विरासत के इन मेलों का शुक्रवार को कुमायूं आयुक्त दीपक रावत ने उद्घाटन किया।
‘अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल’ (अल्मोड़ा साहित्य महोत्सव) का कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव साहित्यिक विरासत, ऐतिहासिकता और सांस्कृतिक परिदृश्य का उत्सव है। जिसमें कुमाऊं की विशिष्ट विरासत पर विचार-विमर्श करने के लिए देश-विदेश के प्रमुख नीति-नियंता, विद्वान और साहित्यकार हिस्सा ले रहे हैं। महोत्सव का आगाज नटराज डांस एकेडमी की ओर से प्रस्तुत मनमोहक शास्त्रीय संगीत आधारित नृत्य से हुआ। मुख्य अतिथि दीपक रावत ने इस मौके पर अपने संबोधन में पर्वतीय क्षेत्रों और लेखन के अंतर्निहित संबंध पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जैसे हिमालयी क्षेत्र लेखन के लिए सर्वोत्तम हैं, यहां लोग विचार करने और लिखने के लिए आवश्यक शांति व एकांत की तलाश में आते हैं। युवा और महत्वाकांक्षी शोधकर्ताओं को प्रेरित करते हुए आयुक्त ने रामचंद्र गुहा द्वारा लिखित ‘द अनक्वाइट वुड्स’, अल्मोड़ा गजेटियर, हिमालय की औपनिवेशिक वन नीति आदि से संबंधित साहित्य पढ़ने की जरूरत बताई। आयुक्त ने वर्तमान में तकनीकी क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा केवल पारंपरिक दायरों में बंधकर न रहे, बल्कि अपने करियर के विकल्पों में विविधता लायें।
इस मौके पर साहित्यिक केंद्र के रूप में अल्मोड़ा की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए महोत्सव की ग्रीन हिल्स संस्था एवं लिटरेचर फेस्टिवल आयोजन समिति की अध्यक्ष डा. वसुधा पंत ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए अल्मोड़ा के क्रमिक शैक्षिक विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद सत्रों में उद्घाटन समारोह में विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा, दर्जा राज्यमंत्री गोविंद पिल्खवाल, गंगा बिष्ट, कुलपति प्रो. प्रवीण बिष्ट, पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी इंदु कुमार पांडे व होटल एसोसिएशन के अरूण वर्मा आदि विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अलग अलग विषयों पर परिचर्चा शुरू हुई।
आयुक्त ने काटा रिबन, सरस मेला शुरू
अल्मोड़ा मल्ला महल परिसर में लिटरेचर फेस्टिवल के साथ ही जनपद स्तरीय तीन दिनी आजीविका सरस मेले का शुभारंभ हो गया। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने फीता काटकर इसका शुभारंभ कराया। कुमाऊं आयुक्त ने वहां लगे स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता एवं उनकी मेहनत की सराहना की। यह मेला जिला प्रशासन एवं ग्राम्य विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित है। जिसका लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं स्वायत्त सहकारिताओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा उनकी आजीविका को सशक्त बनाना है। मेले में कुल 25 स्टॉल लगे हैं। जिनमें बेकरी उत्पाद, प्रसंस्कृत फल उत्पाद, पहाड़ी मसाले, जैविक दालें, पारंपरिक उत्पाद, ऐपण कला एवं हथकरघा से निर्मित सामग्री प्रदर्शित की गई है। स्थानीय संसाधनों एवं पारंपरिक कौशल से तैयार ये उत्पाद मेले में आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस मौके पर नगर निगम के महापौर अजय वर्मा, दर्जा राज्यमंत्री गंगा बिष्ट, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण केएन तिवारी सहित जनपद एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।









