पिथौरागढ़ की समस्याओं पर अब एकजुट होंगे जागरूक नागरिक, ‘सरल बात’ समूह ने संभाली जिम्मेदारी

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पिथौरागढ़ की समस्याओं पर अब एकजुट होंगे जागरूक नागरिक, ‘सरल बात’ समूह ने संभाली जिम्मेदारी
पिथौरागढ़ की समस्याओं पर अब एकजुट होंगे जागरूक नागरिक, ‘सरल बात’ समूह ने संभाली जिम्मेदारी

गांधीवादी तरीके से जनसरोकारों पर करेगा काम

CNE REPORTER, पिथौरागढ़। नगर में व्याप्त विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान के लिए जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर नागरिक समूह ‘सरल बात’ का गठन किया है। नगर के पार्थ बारात घर में आयोजित बैठक में शहर की प्रमुख समस्याओं पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए केवल प्रशासन पर निर्भर रहने के बजाय नागरिक समुदाय को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसी उद्देश्य से गांधीवादी मूल्यों और शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर काम करने का निर्णय लिया गया।


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बैठक में पिथौरागढ़ नगर की सड़क सुरक्षा, आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रदूषण और शुद्ध पेयजल जैसे विषयों पर चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित नागरिकों ने माना कि इन समस्याओं का प्रभाव आम जनजीवन पर पड़ रहा है और इनके समाधान के लिए नागरिकों, प्रशासन तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना आवश्यक है।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाने की घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया गया। कहा गया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मानकों को तय करने, उनका पालन कराने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। इस दिशा में प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने पर भी जोर दिया गया, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

आवारा कुत्तों की समस्या पर गंभीर पहल की जरूरत

नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों से नागरिकों के घायल होने की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। बैठक में कहा गया कि कुत्तों के काटने से गंभीर चोटों और मृत्यु तक की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में इस समस्या की अनदेखी नहीं की जा सकती। इसके समाधान के लिए संबंधित प्रशासनिक एवं स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई, जिससे आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

बैठक में युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। युवाओं को इस प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए जागरूकता, सकारात्मक संवाद और सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। समूह इस दिशा में भी नागरिकों को जागरूक करने और सामाजिक स्तर पर सार्थक पहल करने का प्रयास करेगा।

इसके अतिरिक्त नगर की सांस्कृतिक एवं भौतिक परिस्थितियों से जुड़ी समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता जैसे विषयों पर भी चरणबद्ध तरीके से चर्चा और जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी।

विभिन्न जिम्मेदारियों के लिए सदस्यों को सौंपी गई भूमिका

‘सरल बात’ समूह के गठन के साथ ही कार्यों के बेहतर संचालन के लिए विभिन्न सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। समूह के संयोजक के रूप में भूपेश सिंह बोरा, चंद्रप्रकाश पुनेड़ा और प्रकाश चंद्र पुनेठा को शामिल किया गया है।

मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी योगेंद्र चंद और मनोज मखौलिया को दी गई। वित्तीय कार्यों के लिए उमेश तिवारी को शामिल किया गया है। कानूनी संदर्भों और विधिक मार्गदर्शन के लिए अधिवक्ता एस.एस. महर, अधिवक्ता आलोक चौधरी और अधिवक्ता मुक्तेश कार्की को जिम्मेदारी सौंपी गई।

वहीं, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए उषा पंत, अधिवक्ता अंजुम आरा और भागीरथी अलमिया को जिम्मेदारी दी गई है। समूह ने विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले नागरिकों की सहभागिता के माध्यम से सामाजिक समस्याओं पर सार्थक पहल करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

गांधीवादी मूल्यों के साथ शांतिपूर्ण संवाद पर रहेगा जोर

बैठक में उपस्थित ‘सरल बात’ परिवार के सदस्यों ने तय किया कि समूह गांधीवादी मूल्यों और तरीकों का अनुसरण करते हुए शांतिपूर्ण संवाद, सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग के आधार पर कार्य करेगा। समूह का उद्देश्य नगर की समस्याओं पर जागरूकता बढ़ाना, नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करना और संबंधित विषयों पर रचनात्मक पहल को प्रोत्साहित करना है।

समूह की ओर से स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, युवाओं में बढ़ती नशाखोरी, सांस्कृतिक एवं भौतिक प्रदूषण तथा शुद्ध पेयजल जैसे विषयों पर धीरे-धीरे जागरूकता और चर्चा के प्रयास किए जाएंगे। इन मुद्दों को सामाजिक सहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

जागरूक नागरिकों से समूह से जुड़ने की अपील

बैठक में विनोद कार्की, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, लक्ष्मण सिंह खाती, धर्मानंद जोशी, दिनेश चंद्र भट्ट, किशन सिंह मेहरा, मुकुल कन्याल, आशुतोष पंत, विजेंद्र सिंह, दिनेश चंद्र जोशी, जगदीश कलौनी, कमला रावत, भागीरथी बिष्ट, हेमा सहित अन्य सहभागी उपस्थित रहे।

‘सरल बात’ समूह के सदस्यों ने पिथौरागढ़ के जागरूक और संवेदनशील नागरिकों से इस पहल से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर की समस्याओं के समाधान और सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नागरिक अपने विचारों, सुझावों और सक्रिय सहभागिता के माध्यम से इस पहल को आगे बढ़ा सकते हैं। समूह का प्रयास रहेगा कि सकारात्मक सोच, सरल संवाद और सामुदायिक सहयोग के जरिए पिथौरागढ़ को अधिक सुरक्षित, जागरूक और बेहतर नगर बनाने की दिशा में सार्थक योगदान दिया जाए।

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