साइबर टिपलाइन की 11 शिकायतों से खुला मामला
हल्द्वानी। साइबर टिपलाइन से मिली 11 शिकायतों की जांच में नैनीताल पुलिस ने एक नाबालिग बच्चे के यौन शोषण और उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड करने का मामला उजागर किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय पीड़ित बच्चा और आरोपी दोनों नाबालिग थे। मामले में हल्द्वानी कोतवाली में पॉक्सो अधिनियम की धारा 14 और 15 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(बी) के तहत अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान आरोपी की पहचान की गई और उसके कब्जे से घटना से संबंधित डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर साइबर टिपलाइन से प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। प्रारंभ में अज्ञात के विरुद्ध दर्ज मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान को सौंपी गई। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई।
पुलिस ने आरोपी से संबंधित स्थान से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप और एक खाली मोबाइल बॉक्स बरामद किया। डिजिटल उपकरणों की जांच में बाल यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के साथ अश्लील सामग्री को इंटरनेट पर खोजने तथा डाउनलोड करने की हिस्ट्री मिली। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।
पड़ोस के नाबालिग बच्चे को बनाया निशाना
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी और पीड़ित बच्चा पड़ोस में रहते थे। आरोप है कि आरोपी इंटरनेट से नाबालिग बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री डाउनलोड कर अपने लैपटॉप में सुरक्षित रखता था। इसके बाद उसने कथित तौर पर पड़ोस के नाबालिग बच्चे को ऐसी सामग्री दिखाई और उसका यौन शोषण किया। आरोप है कि इस दौरान उसने वीडियो भी बनाया और उसे इंटरनेट पर अपलोड कर दिया।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी घर पर अकेले अधिक समय बिताता था और अभिभावकों की निगरानी के बिना इंटरनेट का इस्तेमाल करता था। पुलिस के अनुसार, घटना के समय आरोपी स्वयं भी नाबालिग था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़ित बच्चे की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या है साइबर टिपलाइन?
साइबर टिपलाइन एक ऑनलाइन रिपोर्टिंग व्यवस्था है, जिसके माध्यम से बच्चों के यौन शोषण से संबंधित अवैध सामग्री तथा इंटरनेट पर बाल शोषण से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाई जाती है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संबंधित एजेंसियां जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं।
इस मामले में साइबर टिपलाइन के माध्यम से मिली 11 शिकायतें पुलिस की कार्रवाई का आधार बनीं। शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की और डिजिटल उपकरणों की जांच के माध्यम से मामले से संबंधित साक्ष्य जुटाए।
पीड़ित बच्चे और परिजनों की काउंसलिंग
नैनीताल पुलिस ने बताया कि मामले में पीड़ित बच्चे और उसके परिजनों की काउंसलिंग की गई है। बच्चों से जुड़े यौन शोषण के मामलों में पीड़ित की सुरक्षा, मानसिक स्थिति और निजता का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर रखें नजर
नैनीताल पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सतर्कता से नजर रखें। बच्चों को ऑनलाइन और वास्तविक जीवन में सुरक्षित तथा असुरक्षित व्यवहार के बारे में उनकी उम्र के अनुरूप जानकारी दें, ताकि वे किसी भी अनुचित गतिविधि को पहचान सकें और समय रहते मदद मांग सकें।
पुलिस ने यह भी कहा कि बच्चों के साथ विश्वास और संवाद का माहौल बनाए रखना जरूरी है। यदि बच्चा किसी अनुचित व्यवहार, धमकी या शोषण की जानकारी देता है तो उसकी बात गंभीरता से सुनें और उसे दोष देने के बजाय सुरक्षा तथा सहायता उपलब्ध कराएं।
ऑनलाइन बाल शोषण या यौन शोषण की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। साइबर अपराध से संबंधित शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराई जा सकती है। आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
जांच टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
मामले की विवेचना और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान, विशेष अभियान समूह के प्रभारी उपनिरीक्षक मोहन सिंह सौन, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार, साइबर सेल नैनीताल की प्रभारी उपनिरीक्षक मीनू गौतम, विशेष अभियान समूह के हेड कांस्टेबल कुन्दन कठैत और त्रिलोक रौतेल, कांस्टेबल भान प्रताप औली, हेड कांस्टेबल प्रताप सिंह गाड़िया तथा कांस्टेबल अनिल कुमार शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।










